भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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कार्पोरेट कार्यालय

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बी.बी.एम.बी. का पूर्ण-कालिक अध्‍यक्ष और दो पूर्ण-कालिक सदस्‍यों अर्थात सदस्‍य (सिंचाई) तथा सदस्‍य (विद्युत) द्वारा बीबीएमबी का नेतृत्‍व किया जाता है, जो बीबीएमबी के क्रमश: सिंचाई एवं विद्युत खण्‍डों के मुखिया है । वित्‍तीय सलाहकार एवं मुख्‍य लेखा अधिकारी बोर्ड के वित्‍त एवं लेखा खण्‍ड के मुखिया हैं।

सचिव एवं विशेष सचिव बोर्ड के सामान्‍य कार्यों में बीबीएमबी के अध्‍यक्ष तथा पूर्ण-कालिक सदस्‍यों की मदद करते हैं।

  • इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ सदस्‍य (विद्युत)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ

    सदस्‍य (विद्युत)

                   इंजी. हरमिन्दर सिंह चुघ ने पीएसपीसीएल, पटियाला से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में दिनांक 5.7.2018 को मुख्य अभियंता प्रणाली परिचालन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । इनका जन्म दिनांक 5.10.1962 को हुआ । वर्ष 1984 में इन्होनें आर.ई.सी.के. (RECK) (जो वर्तमान में एनआईटी (NIT) कुरूक्षेत्र है)  से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) की डिग्री प्राप्त की तथा  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से  विपणन प्रबंधन में स्नातकोतर डिप्लोमा प्राप्त किया । इन्होंने वर्ष 1985 में पीएसईबी (अब पीएसपीसीएल) में पदभागर ग्रहण किया । 

               पीएसपीसीएल में दिनांक 22.5.1985 से इन्हें उत्पादन,  वितरण एवं पारेषण संगठनों के सभी पहलुओं पर विभिन्‍न क्षमताओं में कार्य करने का 33 वर्षों का कुशल अनुभव प्राप्त है । पीएसपीसीएल तथा बीबीएमबी में अपने 33 वर्षों में से आज तक, 25 वर्षों का उत्पादन के क्षेत्र में इनका पर्याप्त अनुभव है । अनुभवों का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

    1. इन्होंने लगभग 3 वर्ष (1985 से 1988 तक) पीएसपीसीएल के पारेषण संगठन में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया, जिसमें इन्होंने योजना, निगरानी तथा पारेषण एवं उपकेन्द्रों के लिए निधि आबंटन के कार्य किए  ।

    2.  इन्होंने लगभग 5 वर्षों तक पीएसपीसीएल के वितरण संगठन में बतौर सहायक अभियंता के रूप में सेवा की।

    3. इन्होंने 20 वर्षों (1993 से 2012) तक गुरू गोबिन्द सिंह सुपर थर्मल प्लांट (जीजीएसएसटीपी) में विभिन्‍न पदों पर जैसे – सहायक कार्यकारी अभियंता, वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के रूप में जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों का परिचालन, पी.एल.सी. के परिचालन एवं अनुरक्षण, ड्राई फलाई ऐश की न्युमैटिक  प्रणालीकी निगरानी, एफ.एस.एस.एस. प्रणाली का परिचालन एवं अनुरक्षण, माप प्रणाली तथा जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों की इंटरलॉक प्रणाली के संचालन तथा रख –रखाव के महत्वपूर्ण कार्य किए हैं ।

    4.  इन्होंने लगभग 1½ वर्षों तक पीएसपीसीएल के निदेशक/उत्पादन के कार्यालय में बतौर अधीक्षण अभि‍यन्ता/तकनीकी कार्य किया तथा निदेशक/उत्पादन के अधीन सभी मुख्य अभियंताओं से घनिष्ठ समन्वय के साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता की।

    5. इन्होंने उप-मुख्य अभियंता /ईंधन, पीएसपीसीएल, पटियाला में लगभग 3 वर्षों तक कार्य किया जिसमें इन्होंने पीएसपीसीएल के सभी कोयला संयंत्रों के लिए कोयले की आपूर्ति प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।  पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए आवश्यक मंजूरी/लाइसेंस प्राप्त करने की जिम्मेदारी संभाली। पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए एमडीओ के चयन की बोली के दस्तावेजों की तैयारी/प्रकाशन की जिम्मेदारी के रूप में सेवा प्रदान की।

    6.  दिनांक 3.5.2018 से 3.7.2018 तक पीएसपीसीएल में सीएमडी के मुख्य अभि‍यन्ता/ओएसडी का कार्य किया । इस पद पर रहते हुए सीएमडी, पीएसपीसीएल को प्रशासनिक एवं तकनीकी मुद्दों पर सहायता प्रदान की तथा दिनांक 5.7.2018 से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में बतौर मुख्य अभियंता सेवारत  हैं । 

    उपलब्ध‍ियाँ :-

    1. जीजीएसएसटीपी में पीएलसी तथा ड्राई फलाई ऐश हैंडलिंग की न्युमैटिक प्रणाली का संचालनतथा जीजीएसएसटीपी की स्टेज-1 में ए.बी.बी. मेक  सकाडा (SCADA) आधारित इंटरलॉक प्रणाली को चालू करवाना। 

    2. कार्यकारी अभियंता (रखरखाव) के लिए उन्नत प्रशि‍क्षण कार्यक्रम में भाग लेन के लिए मार्च 2006 के दौरान केडब्ल्यूएस विद्युत तक‍नीकी ट्रेनिंग सेंटर,  जर्मनी का दौरा किया।

     

     

     

  • इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार) सदस्‍य (सिंचाई)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)

    सदस्‍य (सिंचाई)

    इंजी. हरमिन्दर सिंह चुघ ने पीएसपीसीएल, पटियाला से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में दिनांक 5.7.2018 को मुख्य अभियंता प्रणाली परिचालन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । इनका जन्म दिनांक 5.10.1962 को हुआ । वर्ष 1984 में इन्होनें आर.ई.सी.के. (RECK) (जो वर्तमान में एनआईटी (NIT) कुरूक्षेत्र है)  से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) की डिग्री प्राप्त की तथा  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से  विपणन प्रबंधन में स्नातकोतर डिप्लोमा प्राप्त किया । इन्होंने वर्ष 1985 में पीएसईबी (अब पीएसपीसीएल) में पदभागर ग्रहण किया । 

               पीएसपीसीएल में दिनांक 22.5.1985 से इन्हें उत्पादन,  वितरण एवं पारेषण संगठनों के सभी पहलुओं पर विभिन्‍न क्षमताओं में कार्य करने का 33 वर्षों का कुशल अनुभव प्राप्त है । पीएसपीसीएल तथा बीबीएमबी में अपने 33 वर्षों में से आज तक, 25 वर्षों का उत्पादन के क्षेत्र में इनका पर्याप्त अनुभव है । अनुभवों का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

    1. इन्होंने लगभग 3 वर्ष (1985 से 1988 तक) पीएसपीसीएल के पारेषण संगठन में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया, जिसमें इन्होंने योजना, निगरानी तथा पारेषण एवं उपकेन्द्रों के लिए निधि आबंटन के कार्य किए  ।

    2.  इन्होंने लगभग 5 वर्षों तक पीएसपीसीएल के वितरण संगठन में बतौर सहायक अभियंता के रूप में सेवा की।

    3. इन्होंने 20 वर्षों (1993 से 2012) तक गुरू गोबिन्द सिंह सुपर थर्मल प्लांट (जीजीएसएसटीपी) में विभिन्‍न पदों पर जैसे – सहायक कार्यकारी अभियंता, वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के रूप में जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों का परिचालन, पी.एल.सी. के परिचालन एवं अनुरक्षण, ड्राई फलाई ऐश की न्युमैटिक  प्रणालीकी निगरानी, एफ.एस.एस.एस. प्रणाली का परिचालन एवं अनुरक्षण, माप प्रणाली तथा जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों की इंटरलॉक प्रणाली के संचालन तथा रख –रखाव के महत्वपूर्ण कार्य किए हैं ।

    4.  इन्होंने लगभग 1½ वर्षों तक पीएसपीसीएल के निदेशक/उत्पादन के कार्यालय में बतौर अधीक्षण अभि‍यन्ता/तकनीकी कार्य किया तथा निदेशक/उत्पादन के अधीन सभी मुख्य अभियंताओं से घनिष्ठ समन्वय के साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता की।

    5. इन्होंने उप-मुख्य अभियंता /ईंधन, पीएसपीसीएल, पटियाला में लगभग 3 वर्षों तक कार्य किया जिसमें इन्होंने पीएसपीसीएल के सभी कोयला संयंत्रों के लिए कोयले की आपूर्ति प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।  पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए आवश्यक मंजूरी/लाइसेंस प्राप्त करने की जिम्मेदारी संभाली। पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए एमडीओ के चयन की बोली के दस्तावेजों की तैयारी/प्रकाशन की जिम्मेदारी के रूप में सेवा प्रदान की।

    6.  दिनांक 3.5.2018 से 3.7.2018 तक पीएसपीसीएल में सीएमडी के मुख्य अभि‍यन्ता/ओएसडी का कार्य किया । इस पद पर रहते हुए सीएमडी, पीएसपीसीएल को प्रशासनिक एवं तकनीकी मुद्दों पर सहायता प्रदान की तथा दिनांक 5.7.2018 से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में बतौर मुख्य अभियंता सेवारत  हैं । 

    उपलब्ध‍ियाँ :-

    1. जीजीएसएसटीपी में पीएलसी तथा ड्राई फलाई ऐश हैंडलिंग की न्युमैटिक प्रणाली का संचालनतथा जीजीएसएसटीपी की स्टेज-1 में ए.बी.बी. मेक  सकाडा (SCADA) आधारित इंटरलॉक प्रणाली को चालू करवाना। 

    2. कार्यकारी अभियंता (रखरखाव) के लिए उन्नत प्रशि‍क्षण कार्यक्रम में भाग लेन के लिए मार्च 2006 के दौरान केडब्ल्यूएस विद्युत तक‍नीकी ट्रेनिंग सेंटर,  जर्मनी का दौरा किया।

                

            

  • ईजी. राकेश शर्मा

    ईजी. राकेश शर्मा विशेष सचिव

    ईजी. राकेश शर्मा

    ईजी. राकेश शर्मा

    विशेष सचिव
    इंजी.राकेश कुमार शर्मा
    विशेषसचिव
    इंजी.राकेश कुमार शर्मा ने इंजीनियर संस्थान(भारत) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरी में स्नातक और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज(पेक) चण्डीगढ से पावर सिस्टम में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग की है। इन्होंने नवम्बर,1997 में बीबीएमबी में कार्यभार ग्रहण किया और अनुभव के वृहद क्षेत्र निम्नप्रकार हैः-
    भाखड़ा दायां किनारा विद्युत गृह 785 मे गावाट क्षमता और भाखड़ा बायां किनारा विद्युत गृह 594 मे गावाट क्षमता की हाइड्रो मशीनों,   जनरेटर ट्रांसफार्मरों, स्विचयार्ड उपकरणों, सहायक उपकरणों इत्यादि का परिचालन, अनुरक्षण और प्रधान अनुरक्षण किया। पुराने और अप्रचलित प्रौद्योगिकी उपकरणों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उपकरणों से प्रतिस्थापित करना।
    ग्रिड स्थिरता और सुरक्षा, बीबीएमबी के हाइड्रोपावर संयंत्रों की शेडयूलिंग, बीबीएमबी के वाणिज्य और नियामक संबंधी मामलों, प्रशुल्क याचिकाओं को दायर और प्रतिवाद करना,यूनीफाइड लोड डिस्पेच और कम्यूलनिकेशन (यूएलडीसी) परियोजना के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर,
    पीएलसीसी (पावरलाइनकैरियरकम्यूकनिकेशन) उपकरणों की खरीद।
    उपलब्धियां
    1. समर्पित कठिन परिश्रम,उत्कृष्ठ प्रदर्शन और संगठन को अत्याधिक योगदान देने के लिए इन्हें अध्यक्ष, बीबीएमबी द्वारा तीन बार स्वर्ण पदक और एक बार प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
    2. अतिरिक्त अधीक्षण अभियन्ता/अनुरक्षण के पद पर कार्यरत रहते हुए दिनांक 04.03.2015 को 15.40 बजे भाखड़ा दायां किनारा विद्युत गृह की यूनिटसं. 6 के पेनस्टोक हैड गेट से पानी कारिसाव शुरू हो गया था, जो कि बंद की गई थी। ईएल-1149 पर विद्युत गृह गैलरी को पानी की बौछारें आने लगी। आगे पानी ईएल-1156 कूलिंग पम्प फ्लोर में प्रवेश कर गया और ईएल-1158 तक बढ़ गया (लगभग 9 फीट)। इन के द्वारा विद्युत गृह से पानी निकालने के सम्पूर्ण सफल आपरेशन की संकल्पना, आयोजन और निगरानी सीमित सम्भावित समय में की गई, जिससे कि उपकरणों को संभाव्यक्षति के साथ-साथ करोड़ों रूपये के उत्पादन  नुकसान से बचाया गया।
    3. निदेशक/विद्युत विनियम के पद पर इनके द्वारा उपलब्ध संसाधनों का इष्टतम उपयोग, बीबीएमबी विद्युत संयंत्रों का सटीक समय निर्धारण और सिस्टम पैरामीटर/रीयलटाइम जनरेशन की सफल निगरानी से एबीटीरिजिम में बीबीएमबी ने 2019-20 के दौरान विचलन निपटान तंत्र (डीएसएम) के तहत 25.92 करोड़ अर्जित किए और 2019-20 में बीबीएमबी के विद्युतघरों की मशीन उपलब्धता 98.94% (देश में सब से उच्चतम में से एक) है।
    4. बीबीएमबी (विद्युतखण्ड) के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न विषयों पर इन हाउस व्याख्यान तथा प्रशिक्षण प्रदान किए।
    विशेष सचिव के रूप में मुख्य उत्तरदायित्व
    1. बीबीएमबी विद्युत खण्ड में किए जाने वाले कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति का प्रसंस्करण। बीबीएमबी विद्युत खण्ड के क्रम मामलों की उनके औचित्य और वित्तीय सहमति के सदंर्भ में जांच करना।
    2. उचित निर्णय लेने वाले निकायों जैसे मध्य स्तरीय क्रय समिति, क्रय समिति तथा बोर्ड स्तर पर चर्चा किए जाने वाले क्रय प्रस्तावों से संबंधित मामलों को उनके विचार-विमर्श के लिए मजबूत करना।अनुमोदित मामलों के क्रियान्वयन/निष्पादन की निगरानी।
    3. संगठन के भीतर या भागीदार राज्यों द्वारा उठाए गए तकनीकी मामलों को उचित निर्णय लेने वाले निकाय जैसे बोर्ड/पावर उपसमिति के विचार-विमर्श कर जांच एवं मजबूती प्रदान करना।
    4. विभिन्न उपकरणों/मशीनरी की खरीद के लिए बीबीएमबी क्रयनीति/प्रक्रिया का अद्यतन।
    5. नीति निर्धारण,रणनीतिक योजना,नियमों एवं विनियमों का निर्धारण/संशोधन उन की व्याख्या और निर्णय लेने में अध्यक्ष, बीबीएमबी की सहायता करना। श्रेणी III तथा श्रेणी IV लगभग 8000 कार्मिकों के स्थापना मामलों को संभालना।
    6. बीबीएमबी के सामान्य प्रशासन जैसे विद्यालयों, अस्पतालों तथा आवास आबंटन इत्यादि से संबंधित मामलों को संभालना।
    7. बोर्ड सचिवालय के लिए आर टी आई मामलों के सबंध में शिकायत और अपीलीय प्राधिकारी, आरक्षण नीति के मामलों में नोडल अधिकारी के रुप में कार्य करना।
    विभिन्न बाहरी एजेंसियों जैसे ऊर्जा मंत्रालय, सीईए, सीपीआरआई, सरकार और भागीदार राज्यों की इकाइयों जैसे पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, केन्द्रीय विद्युत क्षेत्र की इकाइयों तथा अन्य निजी एजेंसियों/परामर्श दाताओं के साथ इंटरफेस, समन्वय, बातचीत/चर्चाकरना।

     

     

  • श्री राजिंद्र कुमार

    श्री राजिंद्र कुमार वित्‍तीय सलाहकार एवं मुख्‍य लेखा अधिकारी

    श्री राजिंद्र कुमार

    श्री राजिंद्र कुमार

    वित्‍तीय सलाहकार एवं मुख्‍य लेखा अधिकारी

                 श्री राजिंद्र कुमार, भारतीय आर्थिक सेवा (आई.ई.एस.2003) ने 25 फरवरी, 2019 को वित्‍तीय सलाहकार एवं मुख्‍य लेखाधिकारी का कार्यभार संभाला। इससे पहले  व‍ह रक्षा मंत्रालय, नई दिल्‍ली में निदेशक के पद पर कार्यरत थे ।

    शैक्षणिक योग्‍यता :-                         

            वर्ष 1997 में गुरू नानक देव विश्‍वविद्यालय (GNDU) अमृतसर,पंजाब से अर्थशास्‍त्र में एम.एससी.(ऑनर्स), वर्ष 2001 में प्रबन्‍धन में IGNOU, नई दिल्‍ली  से स्‍नातकोत्‍तर  डिप्‍लोमा और वर्ष 2007 में अंतर्राष्‍ट्रीय  कानून की भारतीय सोसायटी (आईएसआईएल) नई दिल्‍ली से अंतर्राष्‍ट्रीय कानून एवं कूटनीति में स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा किया।

             वर्ष 2008 में सिंगापुर के राष्‍ट्रीय विश्‍वविद्यालय से क्षेत्रीय व्‍यापार नीति में डिप्‍लोमा और वर्ष 2018 में पंजाब विश्‍वविद्यालय चण्‍डीगढ़ से अर्थशास्‍त्र में एमफिल की।

    अनुभव

             इन्‍होनें वित्‍त मंत्रालय, आर्थिक मामले विभाग, भारत सरकार, नई दिल्‍ली में उप आर्थिक सलाहकार के पद पर कार्य किया । इसके अतिरिक्‍त  इन्‍होनें देश व विदेश में विभिन्‍न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया ।

     

  • इंजी. तरूण अग्रवाल

    इंजी. तरूण अग्रवाल सचिव

    इंजी. तरूण अग्रवाल

    इंजी. तरूण अग्रवाल

    सचिव

    शैक्षणिक योग्‍यताएं

    इन्‍होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी चंडीगढ़) से वर्ष 1989-1993 में बैचलर ऑफ  इंजीनियरिंग (सिविल) की डिग्री प्राप्‍त की ।

    राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, कुरूक्षेत्र हरियाणा से वर्ष 1994-1996 में मास्‍टर ऑफ टैकनोलोजी (स्‍ट्रक्‍चर) की डिग्री प्राप्‍त की ।

     व्‍यावसायिक अनुभव और विशेषज्ञता:- 22 वर्षों से अधिक का निम्‍नलिखित अग्रणी बड़ी परियोजनाओं में कार्यानुभव

    ~ परियोजना प्रबंधन                              ~ परियोजना प्‍लानिंग          ~ परियोजना प्रशासन

    ~ संरचनात्‍मक अभिकल्‍प                       ~ बजटिंग                          ~ जल निकासी प्रणाली प्रबंधन

    ~ परियोजना संचालन एवं अनुरक्षण         ~ परियोजना रूपांतरण          ~ नहर लाइनिंग

     सम्‍मेलन एवं सेमिनार

    • इन्‍होंने 2 से 6 जुलाई, 2018 तक वियेना, आस्ट्रिया में 26वीं आइकोल्‍ड (ICOLD) कांग्रेस, 86वीं ICOLD की वार्षिक बैठक और हाइड्रो इंजिनिरिंग संगोष्‍ठी में भाग लिया ।
    • सम्‍पूर्ण भारत में जल विद्युत परियोजनाओं पर बाढ़ का प्रभाव और स्थिति के अध्ययन हेतु विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गठित समिति के सदस्‍य सचिव ।
    • सतत जल प्रबंधन पर चंडीगढ़ में प्रथम अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन आयोजित करने के लिए विश्‍व बैंक द्वारा प्रायोजित भारत सरकार की राष्‍ट्रीय पन योजना की आयोजन समिति के सदस्‍य  ।

    अध्‍ययन  

    भाखड़ा बांध जलाशय में संचित गाद के उत्‍पादक उपयोग का एक अध्‍ययन करवाने के लिए आई आई टी, रूड़की के साथ जुड़े हैं ।    

    इन्‍होंने आई आई टी, रोपड़ के सहयोग से भाखड़ा बांध के जल ग्रहण क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के परिदृश्‍य के तहत मिट्टी कटान के परिसीमन और बाढ़ संचालित तलछट के हस्‍तांतरण  के आकलन का अध्‍ययन किया ।

     व्‍यावसायिक अनुभव

    नवम्‍बर 2015 से आज तक – सचिव, भाखड़ा ब्‍यास प्रबंध बोर्ड, चंडीगढ़ (बहुउददेशीय सिंचाई योजनाओं के साथ – साथ 2900 मेगावाट पन बिजली विद्युत उत्‍पादन संगठन) ।

    महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारियॉं

    • नंगल हाइडल चैनल एवं सुन्‍दरनगर हाइडल चैनल की संवाहक जल प्रणालियों का सुगम संचालन एवं अनुरक्ष्‍ण ।
    • 10 हज़ार से अधिक कर्मचारियों की संख्‍या वाले संगठन का प्रबंधन और चार राज्‍यों  से मिलकर अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्धों से निपटना (हरियाणा, हिमाचल, पंजाब एवं राजस्‍थान) ।
    • बीबीएमबी के तकनीकी एवं प्रशासनिक मामालों को संभालने के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों के साथ लाभप्रद एवं सौहार्दपूर्ण औद्योगिक सम्पर्क बनाना ।
    • पंजाब, हरियाणा एवं राजस्‍थान के उत्‍तरी राज्‍यों के जल वितरण निर्णय हेतु अंतर्राष्‍ट्रीय तकनीकी समिति में मुख्‍य प्रस्‍तावक  के रूप में कार्य करना और न्‍यायसंगत एवं समान जल के वितरण को सुगम बनाना।
    • 2015 की मानसून के दौरान भारी बाढ़ का बहाव क्षेत्र में बाढ़/विध्‍वंस को बचाने हेतु नियमन किया ।
    • 2018 की मानसून की महत्‍वपूर्ण अवधि के दौरान सभी भागीदार राज्‍यों की मांगों को ध्‍यान में रखते हुए  भाखड़ा और पौंग जलाश्‍यों  का प्रबंधन ।
    • इंजीनियरों एवं कर्मचारियों की मानव संसाधन सलाह एवं विकास में सहायक रहे ।
    • राष्‍ट्रीय हाइड्रोलोजी परियोजना के अन्‍तर्गत स्‍थापित  रियल टाइम डाटा अधिग्रहण प्रणाली और रियल टाइम डिसीजन सपोर्ट सिस्‍टम  के परिचालन तथा अनुरक्षण में लगे इंजीनियरों की टीम का नेतृत्‍व किया। परियोजना का उद्देश्‍य  भारत में उच्‍च स्‍तर तक गुणवत्‍ता  और संसाधन सूचना का एक्‍सेसिबिलिटी, बाढ़ के लिए डिसीजन सपोर्ट सिस्‍टम, बेसिन लेवल संसाधन मूल्‍यांकन/योजना लक्षित जल संसाधन प्रोफेशनल की क्षमता को मजबूत बनाना और प्रबन्‍धन करना है । 
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