भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड
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संगठनात्मक पदानुक्रम

बीबीएमबी क्रमश: बीबीएमबी के सिंचाई एवं विद्युत खण्डों के मुखिया, जो एक पूर्णकालिक अध्यक्ष और दो पूर्ण कालिक सदस्यों अर्थात सदस्य (सिंचाई) तथा सदस्य (विद्युत) के नेतृत्व में है। वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी बोर्ड के वित्त एवं लेखा विंग के प्रमुख हैं।

सचिव एवं विशेष सचिव बोर्ड के सामान्‍य कार्यों में बीबीएमबी के अध्‍यक्ष तथा पूर्ण-कालिक सदस्‍यों की मदद करते हैं।

इसके बाद, बिजली और सिंचाई के खंडों का संगठनात्मक पदानुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ता/निदेशक, वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ता/उप निदेशकों और सहायक अभियन्‍तओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालयों के मुखिया हैं।  

  • श्री देवेंद्र कुमार शर्मा

    श्री देवेंद्र कुमार शर्माअध्‍यक्ष

    श्री देवेंद्र कुमार शर्मा

    श्री देवेंद्र कुमार शर्मा

    अध्‍यक्ष

    इंजी. देवेन्द्र कुमार शर्मा ने 21 अप्रैल, 2017 को भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इनका भारत और विदेश में ऊर्जा क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इन्होंने वर्ष 1981 में इंदौर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की। इन्होनें एशियन प्रौद्यिगिकी संस्थान बैंकाक, थाईलैंड से जल संसाधन इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग के अध्ययन के लिए नीदरलैंड सरकार की फैलोशिप प्राप्त की। इन्होंने कनाड़ा (1987), स्वीडन (1989), हंगरी (1991), जापान (1994) तथा नार्वे (1999 एवं 2003) से जल विद्युत योजना एवं अभिकल्प इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण कोर्स किए हैं। इन्होंने 1991 में अनुसंधान संस्थान  (VITUKI) बुडापेस्ट, हंगरी से हाइड्रोलॉजी में अन्तर्राष्ट्रीय स्नातकोत्तर कोर्स के लिए यूनेस्कों फैलोशिप प्राप्त की। इन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय सैंटर फार हाइड्रोपावर, TRONDHEIM, नार्वें में 1999 के दौरान "जल विद्युत तथा पर्यावरण" के नोराड स्कॉलर के रूप में तथा 2003 के दौरान "एकीकृत जल संसाधन प्रबन्धन के संदर्भ में जल विद्युत विकास" पाठ्यक्रमों में भाग लिया। इन्होंने ताला पन बिजली परियोजना प्राधिकरण में कार्यरत रहते हुए जल विद्युत क्षेत्र में कार्य निष्पादन, समर्पित सेवाएं तथा सराहनीय योगदान हेतु " मैन ऑफ द ईयर" 1999 का पुरस्कार प्राप्त किया। भारत और भूटान में सरकारी क्षेत्र के लिए कार्य करने के अलावा इनके कॉरपोरेट क्षेत्र अर्थात लारसन एण्ड टूब्रो लिमिटेड के साथ पन बिजली परियोजनाओं के निर्माण तथा कम्पनी को मालिकाना स्वामित्व वाली जल विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए भी लगभग 6 वर्षों तक उच्च पद पर कार्य करने का अनुभव है।

         इससे पहले ये 2012 से हिमाचल विद्युत निगम लिमिटेड (हिमाचल प्रदेश सरकार का उपक्रम) के प्रबन्ध निदेशक तथा बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्यरत थे। हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के प्रबन्ध निदेशक के रूप में इनके ऊपर 3x65 मेगावाट कसांग जल विद्युत परियोजना को चालू कराने की जिम्मेदारी रही है और इन्होंने 100एम सेंज परियोजना पूरी की है। इन्होंने प्रणाली को जवाबदेह ओर कुशल बनाया है और एक अत्यन्त नवोदित संगठन को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में कार्य कर रहे केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के समान तकनीकी एवं संगठनात्मक क्षमताओं के साथ एक तेजी से विकसित हो रही विद्युत उत्पादक यूटीलिटी में परिवर्तित कर दिया है।

         ये अन्तर्राष्ट्रीय जल विद्युत एसोसिएशन और जल विद्युत क्षेत्र में कार्यरत अनेक अन्य अन्तर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्यावसायिक निकायों के आजीवन सदस्य हैं। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पत्रों में इनके 27 तकनीकी पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।

  • रिक्त

    रिक्तसदस्‍य (विद्युत)

    रिक्त

    रिक्त

    सदस्‍य (विद्युत)
  • रिक्त

    रिक्तसदस्‍य (सिंचाई)

    रिक्त

    रिक्त

    सदस्‍य (सिंचाई)

  • श्री अनिरूद्ध कुमार

    श्री अनिरूद्ध कुमारसदस्‍य, भारत सरकार

    श्री अनिरूद्ध कुमार

    श्री अनिरूद्ध कुमार

    सदस्‍य, भारत सरकार

                    श्री अनिरूद्ध कुमार, 1987  बैच के भारतीय राजस्‍व सेवा अधिकारी है  । इन्‍होंने अलीगढ़ मुस्‍लिम विश्‍वविद्यालय से 1984 में ऑनर्स के साथ इलैक्‍ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्‍नातक और दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से 1995 में विधि में स्‍नातक की शिक्षा प्राप्‍त की। 

               इन्‍होंने एनटीपीसी से अपने कैरियर की शुरूआत की जहां इन्‍होंने 1984 से 1987 तक सिंगरौली थर्मल विद्युत केन्‍द्र में कार्य किया । तत्‍पश्‍चात इन्‍होंने 1987 में भारतीय राजस्‍व सेवा में कार्यभार ग्रहण किया और 30 वर्षों से अधिक के सेवा काल के  दौरान इन्‍होंने कई महत्‍वपूर्ण विभागों जैसे राजस्‍व विभाग के कर नीति खण्‍ड, अंतर्राष्‍ट्रीय कराधान, वित्‍त मंत्रालय, आयकर विभाग में विभिन्‍न पदों पर, शहरी विकास म्रंत्रालय (2005 से 2009), विज्ञान तथा प्राद्योगिकी मंत्रालय (2009 से 2010) में कार्य किया । श्री अनिरूद्ध कुमार ने भारतीय शिष्‍ट मण्‍डल के सदस्‍य के रूप में विभिन्‍न सम्‍मेलनों तथा बैठकों में भाग लेने हेतु विश्‍व भर की बड़े पैमाने पर यात्रा की है । इनकी ट्रैकिंग के प्रति अभिरूचि है । इन्‍होंने हिमालय में मांऊट कैलाश और मानसरोवर सहित नेपाल में ट्रैकिंग की है ।

                श्री अनिरूद्ध कुमार लगभग 2.5 वर्ष तक विद्युत मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव (थर्मल) के रूप में कार्यरत रहे । इन्‍हें हाल ही में 24 जुलाई, 2018 को विद्युत म्रंत्रालय में संयुक्‍त सचिव (हाईड्रो) का प्रभार सौंपा गया है। आप एनटीपीसी लिमिटेड, दामोदर घाटी निगम तथा भाविनी  न्‍यूकलियर पावर रियक्‍टर बेसड फास्‍ट ब्रीडर टैक्‍नोलोजी के बोर्ड में सरकारी मनोनीत सदस्‍य थे । अब आप राष्‍ट्रीय पन बिजली विद्युत निगम, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, खेलांगचू हाईड्रो इलैक्ट्रीकल कार्पोरेशन, भूटान में बोर्ड के सरकारी मनोनीत सदस्‍य है । आपने जापान में 1997 में आयोजित कर सेमिनार में भारत का दो बार प्रतिनिधित्‍व किया तथा 2010 में अंतर्राष्‍ट्रीय सेवा कांग्रेस में भारतीय शिष्‍ट मण्‍डल के सदस्‍य रहे ।

     

  • श्री पी.के. सक्सेना

    श्री पी.के. सक्सेनासदस्‍य, भारत सरकार

    श्री पी.के. सक्सेना

    श्री पी.के. सक्सेना

    सदस्‍य, भारत सरकार

    आयुक्त (सिंधु), भारत सरकार जल संसाधन मंत्रालय, नई दिल्ली।

    श्री पी.के. सक्सेना, जबलपुर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और केन्द्रीय जल अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारी हैं। इन्होंने वर्ष 1989 में केन्द्रीय जल आयोग में कार्य ग्रहण किया। इन्हें जल संसाधन परियोजनाओं की योजना एवं डिज़ाइन में 27 वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है जिनमें से ज्यादातर जल विद्युत क्षेत्र की परियोजनाएं हैं। ये भारत, नेपाल और अफगानिस्तान में अनेक प्रतिष्ठित जल विद्युत परियोजनाओं की डिज़ाइन से जुड़े रहे हैं। ये देश में स्नो हाइड्रोलोजी के क्षेत्र तथा जल संसाधन परियोजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन से भी संबद्ध रहे हैं।

    ये एक दशक से भी अधिक अवधि से सिंधु जल समझौता 1960 से संबंधित मामलों से भी जुड़े रहे हैं और इन्होंने स्थायी सिंधु आयोग की विभिन्न बैठकों और दौरों में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है।

    इन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मंचों पर लगभग 23 शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।

    इस समय ये आयुक्त (सिंधु), जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार के रूप में कार्यरत हैं और स्थायी सिंधु आयोग सहित भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता 1960 तथा पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा राजस्थान के जल संसाधन विकास के अन्तर्राज्यीय पहलुओं से संबंधित कार्य देख रहे हैं।

  • श्री सर्वजीत सिंह

    श्री सर्वजीत सिंहसदस्‍य, पंजाब

    श्री सर्वजीत सिंह

    श्री सर्वजीत सिंह

    सदस्‍य, पंजाब

       प्रधान सचिव, पंजाब सरकार,  जल संसाधन विभाग, चंडीगढ़। 

    1. सहायक आयुक्‍त (Under training) पटियाला                                   13.06.1993           11.08.1994
    2. एस.डी.ओ. (सिविल), खन्‍ना                                                             17.08.1994           24.08.1994
    3. एस.डी.ओ. (सिविल), आनंदपुर साहिब                                              30.08.1994           16.01.1996
    4. अतिरिक्‍त उपायुक्‍त, रोपड़                                                              17.01.1996           Not avaialble
    5. अतिरिक्‍त उपायुक्‍त (विकास), लुधियाना                                          Not available        Not avaialble
    6. अतिरिक्‍त आयुक्‍त,  नगर निगम, लुधियाना                                      02.06.1999           27.10.1999
    7. अतिरिक्‍त आयुक्‍त, उत्‍पाद एवं कराधान पटियाला                              28.10.1999           16.04.2001
    8. उपायुक्‍त, संगरूर                                                                            16.04.2001           21.07.2004
    9. निदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, पंजाब                                      28.07.2004           09.06.2006
    10. 10. वरिष्‍ठ क्षेत्रीय प्रबंधक,एफ सी आई, पंजाब क्षेत्र, चण्‍डीगढ़                 09.06.2006          Not available
    11. प्रबंन्‍ध निदेश्‍क,  मार्कफैड                                                                  06.07.2009           Not avaialble
    12. मुख्‍य प्रशासक, पुडा, मोहाली                                                             20.05.2010           Not avaialble
    13. मुख्‍य प्रशासक, गमाडा, मोहाली                                                         07.02.2011           23.07.2012
    14. सचिव, राजस्‍व                                                                                24.07.2012           Not avaialble
    15. सचिव, कार्मिक                                                                               22.04.2013           14.08.2013
    16. सचिव, राजस्‍व                                                                                14.08.2013           29.01.2014
    17. वित्‍त सचिव, चण्‍डीगढ़ प्रशासन                                                         30.01.2014            Not avaialble
    18. प्रधान सचिव, सिंचाई                                                                        01.03.2017           24.03.2017
    19. प्रधान सचिव, ट्रांसपोर्ट                                                                      24.03.2017           01.10.2018
    20. प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग                                                    01.10.2018           Till now

      

     

     

  • श्री अनुराग रस्‍तोगी

    श्री अनुराग रस्‍तोगीसदस्य, हरियाणा

    श्री अनुराग रस्‍तोगी

    श्री अनुराग रस्‍तोगी

    सदस्य, हरियाणा
     ‍प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा,

    मुख्य सचिवालय, चण्डीगढ़

          जन्‍म तिथि     21.06.1965

          शैक्षण्कि योग्‍यता   बी.टैक. (मकैनीक्‍ल)

          मातृ भाषा    हिन्‍दी

          केडर/वर्ष     हरियाणा /1990

          महत्‍वपूर्ण पूर्व नियुक्‍तियां:-

          निदेशक  माध्‍यमिक शिक्षा  हरियाणा

          परियोजना निदेशक  हरियाणा प्राथमिक शिक्षा परियोजना परिषद  

          महानिदेशक  नगर और ग्राम योजना

     ‍     प्रधान सचिव,  ‍सिचाई विभाग, हरियाणा , उत्‍पाद शुल्‍क और कराधान ,विद्युत/ उर्जा , विकास एवं पंचायत विभाग

            

  • श्री नवीन महाजन

    श्री नवीन महाजनसदस्‍य, राजस्‍थान

    श्री नवीन महाजन

    श्री नवीन महाजन

    सदस्‍य, राजस्‍थान

    श्री नवीन महाजन, आईएएस, सचिव, जल संसाधन विभाग, इंदिरा गांधी नहर विभाग और सिंचित क्षेत्र  विकास ।

    इनका जन्‍म 13 नवम्बर, 1971 को जालंधर में हुआ । प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक नगर से पूरी की और वे शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियां दोनों में उत्‍कृष्‍ठ थे । इन्‍होनें प्रतिष्ठित राष्‍ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा, छात्रवृति जीती और दसवीं की सीबीएसई परीक्षा में औसंत 93.6% अंक प्राप्‍त करने के साथ साथ विज्ञान वर्ग में अखिल भारत में शीर्ष पर रहे । वह विद्यालय( एपीजे,स्कूल जालंधर) के हैड बॉय और विद्यालय की किक्रेट और वॉलीबाल टीम के कप्‍तान रहे । श्री महाजन ने राज्‍य एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर की कई प्रश्‍नोतरी व वाद-विवाद प्रतियोगिताऍं जीती हैं ।

    श्री महाजन प्रतिष्ठित आईआईटी, जेईई और रूड़की विश्‍वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में चयनित हो गए  थें । तथापि इन्‍होनें पंजाब इंजिनीयरिंग कॉलेज, चण्‍डीगढ़ में दाखिले को प्राथमिक्‍ता दी, इलैक्‍ट्रॉनिक और इलैक्ट्रिकल कम्‍युनिकेशन में शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त करने के कारण इन्‍हें सीमेंस और टीसीएस ने उन्‍हें कैम्‍पस सलैक्‍शन के दौरान लाभप्रद पैकेज के लिए चुना, लेकिन इन्‍होनें प्रशासनिक सेवा के विकल्‍प को चुना और इन्‍होनें प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय  स्‍तर पर 22वॉं स्‍थान प्राप्‍त किया ।

    इन्‍होनें छ: जिलों में जिलाधीश और जिला मजिस्‍ट्रेट के रूप में कार्य किया और आपने लगभग दस वर्षों तक जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया। इन्‍हें राज्‍य की राजधानी के जिला मजिस्‍ट्रेट और जिलाधीश के पद पर कार्य करने का सौभाग्‍य मिला और माननीय मुख्‍य मंत्री के गृह जिले (जोधपुर) के भी जिलाधीश एवं जिला मजिस्‍ट्रेट के रूप मेंर्यरत रहने के अलावा अजमेर, जोधपुर, चुरू, दौसा, स्‍वाईमाधोपुर के भी जिला मजिस्‍ट्रेट रहे ।

    इन्‍हें अजमेर में कार्यकाल के दौरान सर्वश्रेष्‍ठ कलैक्‍टर राज्‍य पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया और भारत के प्रधान मंत्री द्वारा इन्‍हें अजमेर में नरेगा में अग्रिणी कार्य के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार से भी सम्‍मानित किया  गया । राज्‍य सरकार, नाबार्ड(NABARD) और राष्‍ट्रीय स्‍तर के जल विशेषज्ञों द्वारा इनके अत्‍याधिक शुष्‍क जिला चुरू में जल दोहन के ग्राम स्‍तर की पहल को व्‍यापक स्‍वीकारा गया।

           इन्‍होनें प्रतिष्ठित पदों जैसे आर.आई.आई.सी.ओ. के महानिदेशक, ए.डी.बी. वित्‍त पोषित शहरी इंफास्‍ट्रैचर कार्य के परियोजना निदेशक और राज्‍य बजट के वित्‍त सचिव पर कार्य किया जहां इनकी कार्यशैली शहरों के सुधार, निवेश और सरकारी खरीद में नई पहल का संचालन करने में सहायक सिद्ध हुई ।

           श्री महाजन खेल, संगीत और यात्रा के शौकीन हैं । आप महाविद्यालय के दिनों के दौरान पंजाब विश्‍वविद्यालय स्‍तर तक क्रिकेट खेले लेकिन अब अधिकतर टैनिस खेलते हैं और लॉन टैनिस में लगातार राज्‍य स्‍तर की प्रतियोगिताऍं जीती हैं । अखिल भारतीय सेवा प्रतियोगिता में टैनिस डब्‍लस (ओपन कैटेगरी) में राष्‍ट्रीय स्‍वर्ण भी जीता ।

  • श्री प्रबोध सक्‍सेना

    श्री प्रबोध सक्‍सेनासदस्य, हिमाचल प्रदेश

    श्री प्रबोध सक्‍सेना

    श्री प्रबोध सक्‍सेना

    सदस्य, हिमाचल प्रदेश

    प्रधान सचिव, हिमाचल  प्रदेश सरकार,

    बहुउद्देशीय परियोजना व विद्युत शहरी विभाग, नगर व ग्राम आयोजना एवं आवास विभाग.

    भारतीय प्रशासनिक सेवा -1990 बैच

    अंतर्राष्ट्रीय कार्यकाल और तत्काल पिछला असाइनमैंट

    एशियाई विकास बैंक (2/2013 /2 / 2016) मनीला, फिलीपींस

    भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, लाओ पीडीआर, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के कार्यकारी निदेशक के वरिष्ठ सलाहकार

    जिम्मेदारियों में एडीबी प्रबंधन और बोर्ड के बीच के मुद्दों के पूरे आयाम पर कार्यकारी निदेशक और वैकल्पिक कार्यकारी निदेशक को सलाह देना शामिल है। निदेशक के सलाहकार यह भी सुनिश्चित करते हैं कि सभी निर्वाचन क्षेत्र के सदस्यों के हितों और चिंताओं को पर्याप्त रूप से व्यक्त और प्रतिनिधित्व किया गया है।

    भारत सरकार कार्यकाल

    आर्थिक सहायता विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

    आर्थिक मामलों के विभाग में मेरा पांच साल का कार्यकाल समृद्ध, पुरस्कृत और विशिष्ट रूप से विविध रहा है। मैं उन कुछ संयुक्त सचिवों में से एक हूं, जिन्हें द्विपक्षीय सहयोग से लेकर बहुपक्षीय विकासात्मक बैंकों और क्रेडिट की लाइनों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के शासन के मुद्दों तक विकास सहयोग की पूरी श्रृंखला से संबंधित प्रभागों की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है।

    निदेशक के रूप में, मैंने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) शासन को लागू किया और द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौतों के मुख्य वार्ताकार के रूप में बाहरी भारतीय निवेश के हितों को भी सुरक्षित किया।

    संयुक्त सचिव (बहुपक्षीय संस्थान) 8 / 2012-1 / 2013

    विश्व बैंक समूह (अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय निगम सहित), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, एशियाई विकास बैंक, अफ्रीकी विकास बैंक और कृषि विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोष के साथ भारत सरकार के व्यवहार के लिए जिम्मेदार।

    प्रभाग की जिम्मेदारियों में इन संगठनों के अंतर्राष्ट्रीय प्रशासन के साथ-साथ भारत के भीतर इन संस्थानों के संचालन की निगरानी में भारत की भूमिका शामिल थी।

    बड़े पैमाने पर अनियमित निगरानी और समन्वयित वित् य उधारदाताओं, विशेष रूप से परियोजना की पहचान, परियोजनाओं के संचालन, परिचालन परियोजना और उनके सफल क्रियान्वयन में लगे हुए थे।

    संयुक्त सचिव (द्विपक्षीय सहयोग) 7 / 2010–7 / 2012

    यूरोपीय आयोग, फ्रांस, जर्मनी, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे पात्र द्विपक्षीय भागीदारों के सभी विकासात्मक सहयोग मुद्दों के साथ नियमित रूप से जुड़े हुए हैं।

    जिम्मेदारी में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, यूरोपियनियन, जापान, न्यूजीलैंड, नॉर्वे दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर संस्थागत संवाद शामिल थे।

    दिलचस्प बात यह है कि, मैंने "दाता" के दूसरे हिस्से को पहना और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के तहत हमारे रणनीतिक भागीदारों को क्रेडिट ऑफ लाइन (एलओसी) दिया।

    एक्सिम बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, विदेश मंत्रालय (एमईए) आदि के साथ नियमित रूप से समन्वित किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एलओसी को समय पर लागू किया जाए।

    द्विपक्षीय भागीदारों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा प्रस्तावित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का प्रशासन नौकरी का दूसरा पहलू था।

    सहायता, लेखा और लेखा परीक्षा 9 / 2011-1 / 2012 के नियंत्रक

    देश की बाहरी सहायता के सभी आंदोलनों के डेटा और लेनदेन को बनाए रखने के लिए एक बैक ऑफिस के रूप में कार्य किया।

    संयुक्त सचिव (अवसंरचना और निवेश) 8 / 2011–9 / 2011

    उत्तरदायित्व में वित्तपोषण, विनियमन और सार्वजनिक निजी भागीदारी सहित पूरे अवसंरचना क्षेत्र में सभी नीतिगत मुद्दों की परीक्षा शामिल थी।

    विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) में एफडीआई प्रस्तावों के प्रसंस्करण, परीक्षा और संचालन का पर्यवेक्षण करना।

    निदेशक विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड 3 / 2008–6 / 2010

    FIPB के सचिवालय कार्यों की सर्विसिंग के लिए जिम्मेदार। नौकरी की जिम्मेदारी में प्रस्ताव के अंत से अंत तक स्वीकृति पत्र जारी करने के लिए सुविधा केंद्र में इसका स्वागत शामिल है।

    यूएसपी को डेटलाइन के रिगर्स का मिलान करना था, सप्ताह के बाद सप्ताह। विदेशी निवेशकों के साथ भारत सरकार के इंटरफेस पर परिलक्षित रूप से इसके काम का महत्व।

    अनुप्रयोगों की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग शुरू की और सार्वजनिक डोमेन में एफआईपीबी निर्णय पर एक संकलन जारी किया, जिसे उद्योग, कानून फर्मों और मीडिया द्वारा बहुत अच्छी तरह से प्राप्त और सराहा गया।

    निदेशक निवेश 3 / 2008-6 / 2010

    समझौते के लागू होने के समय तक पूर्व वार्ता चरण से द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौतों के लिए जिम्मेदार।

     नौकरी में बातचीत, कानून की विशेषज्ञता और कूटनीतिक बारीकियों की समझ के कौशल शामिल थे।

    एमईए के साथ निरंतर संवाद और समझौतों की प्रारंभिक परिपक्वता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी  थी

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