भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड
सर्च

संगठनात्मक पदानुक्रम

बीबीएमबी क्रमश: बीबीएमबी के सिंचाई एवं विद्युत खण्डों के मुखिया, जो एक पूर्णकालिक अध्यक्ष और दो पूर्ण कालिक सदस्यों अर्थात सदस्य (सिंचाई) तथा सदस्य (विद्युत) के नेतृत्व में है। वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी बोर्ड के वित्त एवं लेखा विंग के प्रमुख हैं।

सचिव एवं विशेष सचिव बोर्ड के सामान्‍य कार्यों में बीबीएमबी के अध्‍यक्ष तथा पूर्ण-कालिक सदस्‍यों की मदद करते हैं।

इसके बाद, बिजली और सिंचाई के खंडों का संगठनात्मक पदानुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ता/निदेशक, वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ता/उप निदेशकों और सहायक अभियन्‍तओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालयों के मुखिया हैं।  

  • श्री तन्मय कुमार (आईएएस)

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस)अध्‍यक्ष

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस)

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस)

    अध्‍यक्ष

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस), श्री कुमार 1993 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और प्रतिष्ठित आईआईटी, दिल्ली से बी.टेक. और एम.टेक हैं ।

    श्री तन्मय कुमार, आईएएस, संयुक्त सचिव, विद्युत मंत्रालय को भारत की प्रमुख जलविद्युत कंपनी, एनएचपीसी लिमिटेड के बोर्ड में सरकारी नामित निदेशक के रूप में 11 जून 2020 से नियुक्त किया गया है । वर्तमान में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव के रूप में, श्री कुमार अन्य कार्यों के साथ ट्रांसमिशन सेक्टर, पीजीसीआईएल, पोसोको (पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और रिन्यूएबल एनर्जी के ग्रिड इंटीग्रेशन का कार्य देख रहे हैं । 

    श्री कुमार ने राजस्थान सरकार में लगभग 27 वर्षों तक विभिन्न क्षमताओं में कार्य किया है । वह 6 साल से अधिक समय तक भरतपुर, अलवर और कोटा के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रहे । इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में 3 साल तक उप सचिव, विशेष सचिव और तत्कालीन मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में कार्य किया । बाद में, श्री कुमार ने अपने 5 वर्षों (2013-2018) के दूसरे कार्यकाल में माननीय मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्य किया । अपने कार्यकाल के दौरान, इन्होंने सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में कई सुधारों और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कई पुरस्कार जीते हैं । सार्वजनिक सेवा में अपने लंबे करियर के दौरान, श्री कुमार अपनी ईमानदारी और सच्चाई के साथ अलग पहचान तथा अपने कार्य के प्रति अत्यन्त उत्साह रखते हैं । श्री कुमार सिस्टम को मजबूत करने और मौजूदा प्रणाली के निरंतर सुधार / नवाचार के साथ-साथ बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग / सरकारी प्रक्रिया रीइंजीनियरिंग में विश्वास रखते हैं ।

    श्री तन्मय कुमार ने 5 साल के लिए राजस्थान रिन्यूवेबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RRECL) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है । राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री, जो कि ऊर्जा मंत्री भी थे, के साथ कार्य करते हुए इनके पास विद्युत क्षेत्र का एक समृद्ध और विविध अनुभव है । 

  • इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघसदस्‍य (विद्युत)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ

    सदस्‍य (विद्युत)

                   इंजी. हरमिन्दर सिंह चुघ ने पीएसपीसीएल, पटियाला से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में दिनांक 5.7.2018 को मुख्य अभियंता प्रणाली परिचालन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । इनका जन्म दिनांक 5.10.1962 को हुआ । वर्ष 1984 में इन्होनें आर.ई.सी.के. (RECK) (जो वर्तमान में एनआईटी (NIT) कुरूक्षेत्र है)  से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) की डिग्री प्राप्त की तथा  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से  विपणन प्रबंधन में स्नातकोतर डिप्लोमा प्राप्त किया । इन्होंने वर्ष 1985 में पीएसईबी (अब पीएसपीसीएल) में पदभागर ग्रहण किया । 

               पीएसपीसीएल में दिनांक 22.5.1985 से इन्हें उत्पादन,  वितरण एवं पारेषण संगठनों के सभी पहलुओं पर विभिन्‍न क्षमताओं में कार्य करने का 33 वर्षों का कुशल अनुभव प्राप्त है । पीएसपीसीएल तथा बीबीएमबी में अपने 33 वर्षों में से आज तक, 25 वर्षों का उत्पादन के क्षेत्र में इनका पर्याप्त अनुभव है । अनुभवों का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

    1. इन्होंने लगभग 3 वर्ष (1985 से 1988 तक) पीएसपीसीएल के पारेषण संगठन में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया, जिसमें इन्होंने योजना, निगरानी तथा पारेषण एवं उपकेन्द्रों के लिए निधि आबंटन के कार्य किए  ।

    2.  इन्होंने लगभग 5 वर्षों तक पीएसपीसीएल के वितरण संगठन में बतौर सहायक अभियंता के रूप में सेवा की।

    3. इन्होंने 20 वर्षों (1993 से 2012) तक गुरू गोबिन्द सिंह सुपर थर्मल प्लांट (जीजीएसएसटीपी) में विभिन्‍न पदों पर जैसे – सहायक कार्यकारी अभियंता, वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के रूप में जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों का परिचालन, पी.एल.सी. के परिचालन एवं अनुरक्षण, ड्राई फलाई ऐश की न्युमैटिक  प्रणालीकी निगरानी, एफ.एस.एस.एस. प्रणाली का परिचालन एवं अनुरक्षण, माप प्रणाली तथा जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों की इंटरलॉक प्रणाली के संचालन तथा रख –रखाव के महत्वपूर्ण कार्य किए हैं ।

    4.  इन्होंने लगभग 1½ वर्षों तक पीएसपीसीएल के निदेशक/उत्पादन के कार्यालय में बतौर अधीक्षण अभि‍यन्ता/तकनीकी कार्य किया तथा निदेशक/उत्पादन के अधीन सभी मुख्य अभियंताओं से घनिष्ठ समन्वय के साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता की।

    5. इन्होंने उप-मुख्य अभियंता /ईंधन, पीएसपीसीएल, पटियाला में लगभग 3 वर्षों तक कार्य किया जिसमें इन्होंने पीएसपीसीएल के सभी कोयला संयंत्रों के लिए कोयले की आपूर्ति प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।  पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए आवश्यक मंजूरी/लाइसेंस प्राप्त करने की जिम्मेदारी संभाली। पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए एमडीओ के चयन की बोली के दस्तावेजों की तैयारी/प्रकाशन की जिम्मेदारी के रूप में सेवा प्रदान की।

    6.  दिनांक 3.5.2018 से 3.7.2018 तक पीएसपीसीएल में सीएमडी के मुख्य अभि‍यन्ता/ओएसडी का कार्य किया । इस पद पर रहते हुए सीएमडी, पीएसपीसीएल को प्रशासनिक एवं तकनीकी मुद्दों पर सहायता प्रदान की तथा दिनांक 5.7.2018 से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में बतौर मुख्य अभियंता सेवारत  हैं । 

    उपलब्ध‍ियाँ :-

    1. जीजीएसएसटीपी में पीएलसी तथा ड्राई फलाई ऐश हैंडलिंग की न्युमैटिक प्रणाली का संचालनतथा जीजीएसएसटीपी की स्टेज-1 में ए.बी.बी. मेक  सकाडा (SCADA) आधारित इंटरलॉक प्रणाली को चालू करवाना। 

    2. कार्यकारी अभियंता (रखरखाव) के लिए उन्नत प्रशि‍क्षण कार्यक्रम में भाग लेन के लिए मार्च 2006 के दौरान केडब्ल्यूएस विद्युत तक‍नीकी ट्रेनिंग सेंटर,  जर्मनी का दौरा किया।

     

     

     

  • इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)सदस्‍य (सिंचाई)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)

    इंजी.हरमिंदर सिंह चुघ (अतिरिक्त प्रभार)

    सदस्‍य (सिंचाई)

    इंजी. हरमिन्दर सिंह चुघ ने पीएसपीसीएल, पटियाला से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में दिनांक 5.7.2018 को मुख्य अभियंता प्रणाली परिचालन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । इनका जन्म दिनांक 5.10.1962 को हुआ । वर्ष 1984 में इन्होनें आर.ई.सी.के. (RECK) (जो वर्तमान में एनआईटी (NIT) कुरूक्षेत्र है)  से बी.एस.ई. इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) की डिग्री प्राप्त की तथा  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से  विपणन प्रबंधन में स्नातकोतर डिप्लोमा प्राप्त किया । इन्होंने वर्ष 1985 में पीएसईबी (अब पीएसपीसीएल) में पदभागर ग्रहण किया । 

               पीएसपीसीएल में दिनांक 22.5.1985 से इन्हें उत्पादन,  वितरण एवं पारेषण संगठनों के सभी पहलुओं पर विभिन्‍न क्षमताओं में कार्य करने का 33 वर्षों का कुशल अनुभव प्राप्त है । पीएसपीसीएल तथा बीबीएमबी में अपने 33 वर्षों में से आज तक, 25 वर्षों का उत्पादन के क्षेत्र में इनका पर्याप्त अनुभव है । अनुभवों का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

    1. इन्होंने लगभग 3 वर्ष (1985 से 1988 तक) पीएसपीसीएल के पारेषण संगठन में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया, जिसमें इन्होंने योजना, निगरानी तथा पारेषण एवं उपकेन्द्रों के लिए निधि आबंटन के कार्य किए  ।

    2.  इन्होंने लगभग 5 वर्षों तक पीएसपीसीएल के वितरण संगठन में बतौर सहायक अभियंता के रूप में सेवा की।

    3. इन्होंने 20 वर्षों (1993 से 2012) तक गुरू गोबिन्द सिंह सुपर थर्मल प्लांट (जीजीएसएसटीपी) में विभिन्‍न पदों पर जैसे – सहायक कार्यकारी अभियंता, वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के रूप में जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों का परिचालन, पी.एल.सी. के परिचालन एवं अनुरक्षण, ड्राई फलाई ऐश की न्युमैटिक  प्रणालीकी निगरानी, एफ.एस.एस.एस. प्रणाली का परिचालन एवं अनुरक्षण, माप प्रणाली तथा जी.जी.एस.एस.टी.पी. के 210 मैगावाट यूनिटों की इंटरलॉक प्रणाली के संचालन तथा रख –रखाव के महत्वपूर्ण कार्य किए हैं ।

    4.  इन्होंने लगभग 1½ वर्षों तक पीएसपीसीएल के निदेशक/उत्पादन के कार्यालय में बतौर अधीक्षण अभि‍यन्ता/तकनीकी कार्य किया तथा निदेशक/उत्पादन के अधीन सभी मुख्य अभियंताओं से घनिष्ठ समन्वय के साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहायता की।

    5. इन्होंने उप-मुख्य अभियंता /ईंधन, पीएसपीसीएल, पटियाला में लगभग 3 वर्षों तक कार्य किया जिसमें इन्होंने पीएसपीसीएल के सभी कोयला संयंत्रों के लिए कोयले की आपूर्ति प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।  पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए आवश्यक मंजूरी/लाइसेंस प्राप्त करने की जिम्मेदारी संभाली। पछवाड़ा सेंट्रल कोल माइन के संचालन के लिए एमडीओ के चयन की बोली के दस्तावेजों की तैयारी/प्रकाशन की जिम्मेदारी के रूप में सेवा प्रदान की।

    6.  दिनांक 3.5.2018 से 3.7.2018 तक पीएसपीसीएल में सीएमडी के मुख्य अभि‍यन्ता/ओएसडी का कार्य किया । इस पद पर रहते हुए सीएमडी, पीएसपीसीएल को प्रशासनिक एवं तकनीकी मुद्दों पर सहायता प्रदान की तथा दिनांक 5.7.2018 से बीबीएमबी चण्डीगढ़ में बतौर मुख्य अभियंता सेवारत  हैं । 

    उपलब्ध‍ियाँ :-

    1. जीजीएसएसटीपी में पीएलसी तथा ड्राई फलाई ऐश हैंडलिंग की न्युमैटिक प्रणाली का संचालनतथा जीजीएसएसटीपी की स्टेज-1 में ए.बी.बी. मेक  सकाडा (SCADA) आधारित इंटरलॉक प्रणाली को चालू करवाना। 

    2. कार्यकारी अभियंता (रखरखाव) के लिए उन्नत प्रशि‍क्षण कार्यक्रम में भाग लेन के लिए मार्च 2006 के दौरान केडब्ल्यूएस विद्युत तक‍नीकी ट्रेनिंग सेंटर,  जर्मनी का दौरा किया।

                

            

  • श्री तन्मय कुमार (आईएएस)

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस)सदस्‍य, भारत सरकार

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस)

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस)

    सदस्‍य, भारत सरकार

    श्री तन्मय कुमार (आईएएस), श्री कुमार 1993 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और प्रतिष्ठित आईआईटी, दिल्ली से बी.टेक. और एम.टेक हैं ।

    श्री तन्मय कुमार, आईएएस, संयुक्त सचिव, विद्युत मंत्रालय को भारत की प्रमुख जलविद्युत कंपनी, एनएचपीसी लिमिटेड के बोर्ड में सरकारी नामित निदेशक के रूप में 11 जून 2020 से नियुक्त किया गया है । वर्तमान में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव के रूप में, श्री कुमार अन्य कार्यों के साथ ट्रांसमिशन सेक्टर, पीजीसीआईएल, पोसोको (पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और रिन्यूएबल एनर्जी के ग्रिड इंटीग्रेशन का कार्य देख रहे हैं । 

    श्री कुमार ने राजस्थान सरकार में लगभग 27 वर्षों तक विभिन्न क्षमताओं में कार्य किया है । वह 6 साल से अधिक समय तक भरतपुर, अलवर और कोटा के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रहे । इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में 3 साल तक उप सचिव, विशेष सचिव और तत्कालीन मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में कार्य किया । बाद में, श्री कुमार ने अपने 5 वर्षों (2013-2018) के दूसरे कार्यकाल में माननीय मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्य किया । अपने कार्यकाल के दौरान, इन्होंने सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में कई सुधारों और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कई पुरस्कार जीते हैं । सार्वजनिक सेवा में अपने लंबे करियर के दौरान, श्री कुमार अपनी ईमानदारी और सच्चाई के साथ अलग पहचान तथा अपने कार्य के प्रति अत्यन्त उत्साह रखते हैं । श्री कुमार सिस्टम को मजबूत करने और मौजूदा प्रणाली के निरंतर सुधार / नवाचार के साथ-साथ बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग / सरकारी प्रक्रिया रीइंजीनियरिंग में विश्वास रखते हैं ।

    श्री तन्मय कुमार ने 5 साल के लिए राजस्थान रिन्यूवेबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RRECL) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है । राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री, जो कि ऊर्जा मंत्री भी थे, के साथ कार्य करते हुए इनके पास विद्युत क्षेत्र का एक समृद्ध और विविध अनुभव है ।

  • श्री पी.के. सक्सेना

    श्री पी.के. सक्सेनासदस्‍य, भारत सरकार

    श्री पी.के. सक्सेना

    श्री पी.के. सक्सेना

    सदस्‍य, भारत सरकार

    आयुक्त (सिंधु), भारत सरकार जल संसाधन मंत्रालय, नई दिल्ली।

    श्री पी.के. सक्सेना, जबलपुर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और केन्द्रीय जल अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारी हैं। इन्होंने वर्ष 1989 में केन्द्रीय जल आयोग में कार्य ग्रहण किया। इन्हें जल संसाधन परियोजनाओं की योजना एवं डिज़ाइन में 27 वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है जिनमें से ज्यादातर जल विद्युत क्षेत्र की परियोजनाएं हैं। ये भारत, नेपाल और अफगानिस्तान में अनेक प्रतिष्ठित जल विद्युत परियोजनाओं की डिज़ाइन से जुड़े रहे हैं। ये देश में स्नो हाइड्रोलोजी के क्षेत्र तथा जल संसाधन परियोजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन से भी संबद्ध रहे हैं।

    ये एक दशक से भी अधिक अवधि से सिंधु जल समझौता 1960 से संबंधित मामलों से भी जुड़े रहे हैं और इन्होंने स्थायी सिंधु आयोग की विभिन्न बैठकों और दौरों में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है।

    इन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मंचों पर लगभग 23 शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।

    इस समय ये आयुक्त (सिंधु), जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार के रूप में कार्यरत हैं और स्थायी सिंधु आयोग सहित भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता 1960 तथा पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा राजस्थान के जल संसाधन विकास के अन्तर्राज्यीय पहलुओं से संबंधित कार्य देख रहे हैं।

  • श्री सर्वजीत सिंह

    श्री सर्वजीत सिंहसदस्‍य, पंजाब

    श्री सर्वजीत सिंह

    श्री सर्वजीत सिंह

    सदस्‍य, पंजाब

    प्रधान सचिव, पंजाब सरकार,  जल संसाधन, खान और भूविज्ञान विभाग, चंडीगढ़। 

     (1992 बैच )

    श्री सर्वजीत सिंह ने थापर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, पटियाला (अब थापर यूनिवर्सिटी) से इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्यूनिकेशन में (बी.टेक), प्रथम श्रेणी (स्वर्ण पदक) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और दिनांक 01.09.1993 को, उप मण्डल प्रशासन/भूमि राजस्व प्रबंधन तथा जिला प्रशासन में उप मण्डल अधिकारी (जूनियर स्केल) कैडर (एआईएस) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया और वर्तमान में बतौर प्रधान सचिव, पंजाब सरकार, कैडर (एआईएस), जल संसाधन कार्य कर रहे हैं।

    इन्हें विभिन्न क्षेत्रों नामतः जल संसाधन एवं परिवहन विभाग, में प्रधान सचिव, वित्त, नगरपालिका प्रशासन/ शहरी विकास और शहरी आवास विभाग, में संयुक्त सचिव, नागरिक आपूर्ति/ उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं पीडी, ग्रामीण विकास, जिला प्रशासन/भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन तथा आबकारी/वित्त विभागों में उप सचिव, आबकारी/वित्त, नगरपालिका प्रशासन/शहरी विकास, जिला प्रशासन/भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन विभाग में अवर सचिव, उप मण्डल प्रशासन/भूमि राजस्व प्रबंधन एवं जिला प्रशासन विभाग में उप मण्डल अधिकारी (जूनियर स्केल) के रूप में कार्य करने का लगभग 27 वर्षों का व्यापक  अनुभव है।

  • श्री देवेन्‍द्र सिंह

    श्री देवेन्‍द्र सिंहसदस्य, हरियाणा

    श्री देवेन्‍द्र सिंह

    श्री देवेन्‍द्र सिंह

    सदस्य, हरियाणा

    अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग, हरियाणा सरकार

    श्री देवेन्‍द्र  सिंह वर्तमान में हरियाणा सरकार के सिंचाई एवं जल संसाधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  हैं ।

    इन्‍होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में स्नातक की डिग्री दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दिल्ली  तथा व्‍यवसाय प्रशासन (MBA) में स्‍नातकोत्‍तर  की डिग्री भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद से प्राप्त की है। 

    वह वर्ष 1987 से हरियाणा संवर्ग में भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्‍सा रहे हैं और लगभग 32 वर्षों तक सिविल सेवा में रहे हैं । वर्तमान विभागों से पहले इन्होंने एसीएस उद्योग और वाणिज्य, नागरिक उड्डयन और कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण, एसीएस पर्यावरण, प्रशासनिक सुधार तथा एचजीआरए, प्रधान सचिव उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्राद्योगिकी, प्रधान सचिव विद्युत, सीएमडी यूएचबीवीएन तथा डीएचबीवीएन, भारत सरकार के उर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, उपायुक्त, गुरूग्राम (हरियाणा), उपायुक्त करनाल, निदेशक उद्योग तथा प्रबंध निदेशक, हरियाणा आपूर्ति एवं विपणन महासंघ के पदों पर कार्य किया है। वह हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी थे।

                           

  • श्री नवीन महाजन

    श्री नवीन महाजनसदस्‍य, राजस्‍थान

    श्री नवीन महाजन

    श्री नवीन महाजन

    सदस्‍य, राजस्‍थान

    श्री नवीन महाजन, आईएएस, सचिव, जल संसाधन विभाग, इंदिरा गांधी नहर विभाग और सिंचित क्षेत्र  विकास ।

    इनका जन्‍म 13 नवम्बर, 1971 को जालंधर में हुआ । प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक नगर से पूरी की और वे शैक्षणिक और पाठ्येतर गतिविधियां दोनों में उत्‍कृष्‍ठ थे । इन्‍होनें प्रतिष्ठित राष्‍ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा, छात्रवृति जीती और दसवीं की सीबीएसई परीक्षा में औसंत 93.6% अंक प्राप्‍त करने के साथ साथ विज्ञान वर्ग में अखिल भारत में शीर्ष पर रहे । वह विद्यालय( एपीजे,स्कूल जालंधर) के हैड बॉय और विद्यालय की किक्रेट और वॉलीबाल टीम के कप्‍तान रहे । श्री महाजन ने राज्‍य एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर की कई प्रश्‍नोतरी व वाद-विवाद प्रतियोगिताऍं जीती हैं ।

    श्री महाजन प्रतिष्ठित आईआईटी, जेईई और रूड़की विश्‍वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में चयनित हो गए  थें । तथापि इन्‍होनें पंजाब इंजिनीयरिंग कॉलेज, चण्‍डीगढ़ में दाखिले को प्राथमिक्‍ता दी, इलैक्‍ट्रॉनिक और इलैक्ट्रिकल कम्‍युनिकेशन में शीर्ष स्‍थान प्राप्‍त करने के कारण इन्‍हें सीमेंस और टीसीएस ने उन्‍हें कैम्‍पस सलैक्‍शन के दौरान लाभप्रद पैकेज के लिए चुना, लेकिन इन्‍होनें प्रशासनिक सेवा के विकल्‍प को चुना और इन्‍होनें प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय  स्‍तर पर 22वॉं स्‍थान प्राप्‍त किया ।

    इन्‍होनें छ: जिलों में जिलाधीश और जिला मजिस्‍ट्रेट के रूप में कार्य किया और आपने लगभग दस वर्षों तक जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया। इन्‍हें राज्‍य की राजधानी के जिला मजिस्‍ट्रेट और जिलाधीश के पद पर कार्य करने का सौभाग्‍य मिला और माननीय मुख्‍य मंत्री के गृह जिले (जोधपुर) के भी जिलाधीश एवं जिला मजिस्‍ट्रेट के रूप मेंर्यरत रहने के अलावा अजमेर, जोधपुर, चुरू, दौसा, स्‍वाईमाधोपुर के भी जिला मजिस्‍ट्रेट रहे ।

    इन्‍हें अजमेर में कार्यकाल के दौरान सर्वश्रेष्‍ठ कलैक्‍टर राज्‍य पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया और भारत के प्रधान मंत्री द्वारा इन्‍हें अजमेर में नरेगा में अग्रिणी कार्य के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार से भी सम्‍मानित किया  गया । राज्‍य सरकार, नाबार्ड(NABARD) और राष्‍ट्रीय स्‍तर के जल विशेषज्ञों द्वारा इनके अत्‍याधिक शुष्‍क जिला चुरू में जल दोहन के ग्राम स्‍तर की पहल को व्‍यापक स्‍वीकारा गया।

           इन्‍होनें प्रतिष्ठित पदों जैसे आर.आई.आई.सी.ओ. के महानिदेशक, ए.डी.बी. वित्‍त पोषित शहरी इंफास्‍ट्रैचर कार्य के परियोजना निदेशक और राज्‍य बजट के वित्‍त सचिव पर कार्य किया जहां इनकी कार्यशैली शहरों के सुधार, निवेश और सरकारी खरीद में नई पहल का संचालन करने में सहायक सिद्ध हुई ।

           श्री महाजन खेल, संगीत और यात्रा के शौकीन हैं । आप महाविद्यालय के दिनों के दौरान पंजाब विश्‍वविद्यालय स्‍तर तक क्रिकेट खेले लेकिन अब अधिकतर टैनिस खेलते हैं और लॉन टैनिस में लगातार राज्‍य स्‍तर की प्रतियोगिताऍं जीती हैं । अखिल भारतीय सेवा प्रतियोगिता में टैनिस डब्‍लस (ओपन कैटेगरी) में राष्‍ट्रीय स्‍वर्ण भी जीता ।

  • श्री राम सुभाग सिंह

    श्री राम सुभाग सिंहसदस्य, हिमाचल प्रदेश

    श्री राम सुभाग सिंह

    श्री राम सुभाग सिंह

    सदस्य, हिमाचल प्रदेश

    अतिरिक्त मुख्य सचिव, हिमाचल  प्रदेश सरकार,

    वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं तकनीकी व बिजली बोर्ड के अध्यक्ष।

    भारतीय प्रशासनिक सेवा -1987 बैच

Back to Top