भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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ब्यास परियोजना

ब्‍यास परियोजना का विकासात्‍मक इतिहास

ब्‍यास परियोजना में दो इकाइयॉ नामत: यूनिट-I-बीएसएल परियोजना तथा यूनिट-II-ब्‍यास बांध परियोजना सम्मिलित है ब्‍यास परियोजना, सिंचाई एवं विद्युत उत्‍पादन के लिए तीन पूर्वी नदियों नामत: सतलुज, ब्‍यास तथा रावी के जलों का एकीकृत तरीके से उपयोग करने के लिए महायोजना (मास्‍टर प्‍लान) का एक भाग है। भाखड़ा-नंगल परियोजना के पूर्ण होने से सतलुज के जल (औसत बहाव 16,652 मिलियन सी.यू.एम. या 13.5 मिलियन-एकड फुट) को पूर्ण रूप से उपयोग में लगाया गया। वर्तमान माधोपुर–ब्‍यास लिंक, जो रावी के जल औसत 2344 मिलियन सी.यू.एम. (0.9 मिलियन एकड़ फुट) को ब्‍यास की और स्‍थानान्‍तरित करता है, की सहायता से भारत पौंग में ब्‍यास डैम भाखड़ा बांध के साथ मिलकर तीन पूर्वी नदियों के लगभग 92% औसत अन्‍तर्वाह का उपयोग कर सका है। ब्‍यास सतलुज लिंक परियोजना के पूर्ण होने से आंकडे आगे 97% तक बढ़ गए हैं।

ब्‍यास निर्माण बोर्ड

भाखड़ा बांध पर प्रारम्‍भ की गई विभागीय निर्माण एजेन्‍सी को ब्‍यास बांध के निर्माण हेतु भी अपनाया गया था। पंजाब सरकार ने परियोजना के निर्माण से सम्‍बन्धित सभी मामलों पर कुशल तकनीकी एवं वित्‍तीय नियन्‍त्रण रखने के लिए 1961 में ब्‍यास नियन्‍त्रण बोर्ड का गठन किया। 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के परिणामस्‍वरूप भागीदार राज्‍यों की तरफ से परियोजना का कार्यन्‍वयन भारत सरकार को सौंपा गया जिसने नियन्‍त्रण बोर्ड का पुनर्गठन किया और इसे भाखड़ा निर्माण बोर्ड (बीसीबी) का नाम दिया।

केन्‍द्रीय ऊर्जा मन्‍त्री की अध्‍यक्षता में ब्‍यास निर्माण बोर्ड में पूर्ण-कालिक सचिव, मुख्‍यालय, नई दिल्‍ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्‍य मंत्री, पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान तथा हिमाचल प्रदेश प्रत्‍येक राज्‍य से एक मन्‍त्री, उप मन्‍त्री, ऊर्जा एवं सिंचाई, भारत सरकार, सचिव, विद्युत विभाग, ऊर्जा मन्‍त्रालय, भारत सरकार सचिव, कृषि एवं सिंचाई मन्‍त्रालय, भारत सरकार अध्‍यक्ष, भाखड़ा और ब्‍यास प्रबन्‍ध बोर्ड अध्‍यक्ष, केन्‍द्रीय जल आयोग सदस्‍य (जल विद्युत) केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण संयुक्‍त सचिव, ऊर्जा मन्‍त्रालय, भारत सरकार वि‍त्तीय सलाहकार एवं संयुक्‍त सचिव, विद्युत विभाग, ऊर्जा मन्‍त्रालय, भारत सरकार सचिव, सिंचाई एवं विद्युत, पंजाब, हरियाणा और राजस्‍थान, सचिव, वित्त, पंजाब, हरियाणा तथा राजस्‍थान, सचिव, उपनिवेशन और राजस्‍व, राजस्‍थान, वित्‍तीय आयुक्‍त एवं सचिव, राजस्‍व विभाग, हिमाचल प्रदेश, अध्‍यक्ष राज्‍य बिजली बोर्ड, पंजाब, हरियाणा और राजस्‍थान तथा हिमाचल प्रदेश, महाप्रबन्‍धक, ब्‍यास परियोजना, वित्‍तीय सलाहकार एवं मुख्‍य लेखा अधिकारी, ब्‍यास परियोजना, मुख्‍य अभियन्‍ता, सिंचाई वर्क्‍स, पंजाब एवं हरियाणा , मुख्‍य अभियन्‍ता वैद्युत (विद्युत केन्‍द्र और पारेषण) ब्‍यास परियोजना तथा मुख्‍य अभियन्‍ता, राजस्‍थान नहर परियोजना सम्मिलित है। डॉ. ए. एन. खोसला की अध्‍यक्षता में ब्‍यास परियोजना के लिए बोर्ड ऑफ कन्‍सलटैन्‍टस का गठन किया गया जिसमें देश तथा बाहर के कुछ विख्‍यात तथा अनुभवी सम्मिलित थे। यूनाईटिड स्‍टेटस ब्‍यूरो ऑफ रिक्‍लेमेशन (यू.एस.बी.आर.) से सलाह लेने के उपरान्‍त विभिन्‍न विकल्‍पों का विस्‍तृत एवं व्‍यवस्थित अध्‍ययन करके वर्तमान स्‍कीम धीरे-धीरे विकसित हुई थी।

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