भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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बीबीएमबी की उपलब्धियां

भारत के विभाजन के समय पंजाब का लगभग 80% सिंचाई क्षेत्र पश्चि6मी पाकिस्‍तान में चला गया, साथ ही भारत के पास बहुत कम सिंचाई के संसाधन रह गए । विशाल भाखड़ा-नंगल और ब्‍यास परियोजना ने परिस्थिति को बदला और उत्‍तरी भारत को राष्‍ट्र के अन्‍न भंडार में परिवर्तित कर दिया । बीबीएमबी के बांध साल दर साल डाऊनस्‍ट्रीम के क्षेत्रों को बाढ़ से बचा रहे हैं । यहां तक कि भाखड़ा बांध ने वर्ष 2005 में चीन में पार्चू झील में विस्‍फोट को भी अपने में समाहित कर लिया साथ ही इसका दुष्‍टप्रभाव डाऊनस्‍ट्रीम क्षेत्रों पर भी नहीं पड़ा ।

विद्युत उत्‍पादन:

सीर्इए द्वारा तय किए गए विद्युत उत्‍पादन के लक्ष्‍यों को बीबीएमबी द्वारा प्रत्‍येक वर्ष पीछे छोड़ दिया जाता है । वर्ष 2016-17 के दौरान 10634.41 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन किया गया जोकि निर्धारित लक्ष्‍य 9536 मिलियन यूनिट से 11.52% अधिक था । वर्ष 2017-18 के दौरान 10880.691 मिलियन यूनिटस का उत्‍पादन किया गया जोकि निर्धारित लक्ष्‍य 9360 मिलियन यूनिटों से 16.25% अधिक है ।

मशीनों की कीर्तिमान उपलब्‍धता:

क्षेत्र में विशालतम हाइड्रो इलैक्ट्रिकल कॉंम्‍पलेक्‍स होने के नाते बीबीएमबी प्रतिदिन उत्‍तरी ग्रिड के परिचालन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीबीएमबी के विद्युत गृह, ग्रिड को व्‍यस्‍ततम समय में अतिआवश्‍यक विद्युत उपलब्‍ध करवाते हैं, जिससे कि थर्मल स्‍टेशन बेस लोड पर काम करने में सक्षम होते है। विद्युत गृह में ग्रीष्‍म ऋतु में 1900 एम.डब्‍लयू और 2800 एम.डब्‍लयू के बीच तथा शीत ऋतु में 500 एम.डब्‍लयू तथा 1900 एम.डब्‍लयू के बीच लचीले उत्‍पादन द्वारा ग्रिड के फ्रीक्‍यून्‍सी रेगुलेशन में सहायता प्रदान करते हैं । पिछले पांच वर्षों 2013-14 से 2017-18 की बीबीएमबी विद्युत गृहों की औसतन वार्षिक संयंत्र उपलब्‍धता लगभग 97.51% है । पारेषण लाइन उपलब्‍धता लगभग 99% है ।

आई.एस.ओ का कार्यान्‍वयन:

  • आई.एस.ओ: 9001:2008 व आर.एस.ओ:14001:2004 का प्रमाणन प्राप्‍त किया ।
  • आई.एस.ओ: 9001, आई.एस.ओ: 14001 एवमं 18001 के बारे में एकीकृत प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन का कार्यान्‍वयन अंतिम चरण में है ।
  • 10 लाख रूपये से ऊपर की थ्रेशोल्‍ड वेल्‍यू की खरीद के लिए ई-प्रिक्‍योरमैंट का कार्यान्‍वयन किया गया ।
  • इंटीग्रिटी पैक्‍ट का कार्यान्‍वयन किया गया और दो स्‍वतंत्र बाहय मॉनीटरों की नियुक्ति की गई जिनके साथ नियमित बैठकें भी की जा रही हैं ।

राष्‍ट्रीय हाईड्रोलोजी परियोजना:

जलाशयों के इष्‍टतम परिचालन के लिए विश्‍व बैंक से सहायता प्राप्‍त राष्‍ट्रीय हाईड्रोलोजी परियोजना के अंतर्गत रीयल टाइम डिसीज़न स्‍पोर्ट सिस्‍टम का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया । यह देश में अपनी तरह की एक पहली परियोजना है जो जल संसाधन निगरानी प्रणाली में आगामी सुधार तथा विस्‍तार, जल संसाधन परिचालन तथा योजना को मजबूती प्रदान करेगा तथा जल संसाधन प्रबंधन के लिए संस्‍थागत क्षमता को बढ़ाएगा ।

जल की आपूर्ति ::

भाखड़ा नंगल और ब्‍यास परियोजना, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्‍थान राज्‍यों में हरित क्रान्ति एवं श्‍वेत क्रान्ति की अग्रदूत है। पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान और दिल्‍ली राज्‍यों के लिए प्रत्‍येक वर्ष लगभग 34537.44 एससीएम (28 एमएएफ) जल की आपूर्ति की जा रही है, जो 135 लाख एकड़ जमीन को सिंचित करता है ।

नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और उन्‍नयन (आर.एम.यू):

भाखड़ा बांध विद्युत गृह (दायां किनारा) की सभी पांचों यूनिटों का नवीनीकरण, आधुनिकीकरण व उन्‍नयन 120 मैगावाट से 157 मैगावाट किया गया है, जिसके परिणामस्‍वरूप 185 मैगावाट की अतिरिक्‍त अधिष्‍ठापित क्षमता तथा 319 एम.यू. का अतिरिक्‍त वार्षिक उत्‍पादन हो रहा है ।

175 KWP सौर विद्युत संयंत्र को चालू करना:

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 175 KWP सौर संयंत्र को चालू करने का लक्ष्‍य दिनांक 13 अक्‍तूबर, 2017 रखा था । इस सौर विद्युत संयंत्र को निर्धारित तिथि से बहुत पहले 18 जुलाई, 2017 को चालू कर दिया गया । बीबीएमबी सचिवालय, सैक्‍टर-19 तथा एस एल डी सी बिल्‍डिंग, इंडस्‍ट्रीयल एरिया, चण्‍डीगढ़ की छतों पर अधिष्‍ठापित किए गए

175 KWP सौर विद्युत संयंत्र का उदघाटन श्री वी.पी.सिंह बदनौर, माननीय राज्‍यपाल पंजाब तथा प्रशासक, यूटी, चण्‍डीगढ़ द्वारा किया गया और इसे राष्‍ट्र को समर्पित किया ।

पुराने ट्रांसफार्मरों को नये उच्‍च क्षमता के ट्रांसफार्मरों से बदलना

बीबीएमबी ने 220 केवी उप-केन्‍द्र, धूलकोट, जगाधरी तथा जांलधर में पुराने ट्रांसफार्मरों को नये 100 एमवीए रेटिंग के उच्‍च क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों के साथ बदलकर चालू किया ।

इन तीन पावर ट्रांसफार्मरों के चालू होने से विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की 24x7 विद्युत आपूर्ति की पहल के लक्ष्‍य में सहायता हुई है और इन क्षेत्रों के लोग अबाधित विद्युत आपूर्ति प्राप्‍त कर रहे हैं ।

निम्‍न स्‍तर निरीक्षण:

पौंग बांध में दो सिंचाई सुरंगों (टी-1 व टी-2) हैं । पिछली बार निम्‍न स्‍तर निरीक्षण वर्ष 2010 में किया गया था ।

वर्ष 2017-18 के दौरान पौंग बांध की टी-2 सिंचाई सुरंग का निम्‍न स्‍तर निरीक्षण और मुरम्‍मत रिकार्ड 20 दिन के अंदर की गई जिसके लिए सामान्‍यत: 30 दिन निर्धारित हैं । सिंचाई सुरंग टी-1 के अनुरक्षण की योजना बनाई गई और अप्रैल, 2018 के दौरान की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम:

वर्ष 2017-18 के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीबीएमबी स्‍टाफ को 16000 मानव दिवसों के लक्ष्‍य की तुलना में 18580 मानव दिवसों का लाभ मिला है।

ई- आफिस का कार्यान्‍वयन:

बीबीएमबी ने भारत सरकार की राष्‍ट्रीय ई- गवर्नेस योजना के अंतर्गत मिशन मोड परियोजना के तहत उत्‍पादकता को बढ़ाने, सेवा की गुणवत्‍ता में पारदर्शिता तथा पेपर लैस डिजीटल सिस्‍टम को बढ़ावा देने हेतु ई-आफिस का कार्यान्‍वयन किया है । इससे सभी कागज़ आधारित फाइलिंग तथा अनुमोदन प्रणाली को निपटाने में सहायता मिलेगी । ई-आफिस प्रणाली कार्य की क्षमता को बढ़ाएगी, इसके बड़े पर्यावरणीय लाभ है जैसा कि यह प्रणाली कार्यालयाधीन प्रयोग में प्रत्‍यक्ष फाइलों तथा कागजों के प्रयोग को समाप्‍त कर देगी ।

रेडियो अभियान:

कर्मचारियों और जनता को सशक्‍त करने के लिए 2 अप्रैल, 2018 को श्री अजय कुमार भल्‍ला, सचिव (विद्युत) भारत सरकार द्वारा बीबीएमबी की मोबाइल एप्‍लीकेशन ’जन शक्ति’ का शुभारंम्‍भ किया गया । मोबाइल एप्‍लीकेशन बीबीएमबी कर्मचारियों को उनके वेतन, जीपीएफ, निजी एवं कार्यालीन ब्‍यौरे उपलब्‍ध करा कर सशक्‍त करेगा और पब्लिक भी इस मोबाइल ऐप का प्रयोग कर बीबीएमबी की विद्युत और सिंचाई प्रणाली संबंधी तकनीकी सूचना/डाटा जैसे कि परियोजना अनुसार उत्‍पादन ब्‍यौरा, जलाशय स्‍तर, छोड़ा गया पानी, पिछले कई वर्षों की कैचमैंट क्षेत्रों में हुई वर्षा संबंधी जानकारी प्राप्‍त कर सकती है।

भाखड़ा ब्‍यास प्रबंध बोर्ड का शिकायत निवारण तंत्र :

बीबीएमबी में एक सुपरिभाषित शिकायत निवारण तंत्र स्‍थापित है । विशेष सचिव, बीबीएमबी को सम्‍पूर्ण भाखड़ा ब्‍यास प्रबंध बोर्ड के निदेशक/ शिकायत निवारण के रूप में पदनामित किया गया है । इसके अलावा प्रत्‍येक परियोजना स्‍टेशनों पर अधीक्षण अभियंता के रैंक के अधिकारी शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्‍त हैं ।

बीबीएमबी द्वारा वर्ष 2017-2018 में जीते गए पुरस्‍कार:

  • केन्‍द्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड (सीबीआईपी) ने उच्‍च स्‍तरीय ज्‍यूरी की सिफारिशों के आधार पर आधुनिक भारत के मन्दिर “भाखड़ा बांध” को बीबीएमबी की “सर्वोत्‍तम अनुरक्षित परियोजना” (50 वर्षों से क्रियाशील) के रूप में अत्‍यन्‍त प्रतिष्ठित राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किया । भाखड़ा बांध का चुनाव विस्‍तृत प्रलेखित अनुरक्षण कार्यक्रमों का चयन, सख्‍ती से पालन करने, चौबीसों घंटे निगरानी करने और इसके रख-रखाव में मुरम्‍मत के लिए नवीनतम प्रौधोगिकी तथा सामाग्री का प्रयोग सुनिश्‍चित करने के कारण किया गया । प्रशस्ति पत्र में कहा गया है:-

    भाखड़ा ब्‍यास प्रबंध बोर्ड द्वारा भाखड़ा बॉंध के उत्‍कृष्‍ट रखरखाव और लाभानुभोगियों को संबंध जल संवाहक प्रणाली से शत-प्रतिशत विश्‍वसनीय जल एवं विद्युत आपूर्ति की उपलब्‍धता सुनिश्‍चित करने के लिए ‘बेस्‍ट मैन्‍टेन्‍ड प्रोजक्‍ट’ (50 वर्ष से अधिक क्रियाशील)” पुरस्‍कार प्रदान किया गया ।

  • श्री देवेन्‍द्र कुमार शर्मा, अध्‍यक्ष, बीबीएमबी को भी “सीबीआईपी का विशेष अद्धितीय नेतृत्‍व अवार्ड और भारतीय जल एवं विद्युत क्षेत्रों में योगदान के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर का अवार्ड प्रदान किया गया ।

    ये दोनों पुरस्‍कार श्री देवेन्‍द्र कुमार शर्मा, अध्‍यक्ष, बीबीएमबी को दिनांक 03.01.2018 को नई दिल्‍ली में आयोजित एक पुरस्‍कार वितरण समारोह में डा. सत्‍य पाल सिंह, माननीय जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्‍य मंत्री, भारत सरकार द्वारा श्री अर्जुन राम मेघवाल, माननीय जल संसाधन राज्‍य मंत्री, उर्जा राज्‍य मंत्री, राजस्‍थान और महाराष्‍ट्र सरकार के जल संसाधन राज्‍य मंत्री की उपस्थिति में प्रदान किया गया ।
  • बीबीएमबी को उर्जा उत्‍पादन की श्रेणी में किए गए योगदान के लिए इण्डियन ब्रेव हार्ट, आई एस ओ 9001:2018 प्रमाणित एन.जी.ओ. द्वारा ‘राष्‍ट्रीय गौरव पुरस्‍कार-2017’ प्रदान किया गया । बीबीएमबी को यह पुरस्‍कार उसके राष्‍ट्र के प्रति किए गए विशेष योगदान की सराहना के लिए दिया गया । यह पुरस्‍कार दिनांक 16.12.2017 को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया ।
  • बीबीएमबी को वर्ष 2017 के लिए हरियाणा राज्‍य के स्‍कूली बच्‍चों द्वारा उर्जा संरक्षण पर चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रों की भागीदारी की उच्‍चतम प्रतिशतता प्राप्‍त करने के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर “सर्वश्रेष्‍ठ राज्‍य स्‍तरीय नोडल अधिकारी श्रेणी” के लिए प्रथम पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया। इस वर्ष बीबीएमबी हरियाणा राज्‍य के विभिन्‍न स्‍कूलों से विद्यार्थियों की भागीदारी में 406.1 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि कराने में समर्थ रहा । हरियाणा के 14,436 स्‍कूलों से लगभग 10,78,191 विद्यार्थियों ने प्रतियोगता में भाग लिया । यह पुरस्‍कार श्री आर.के.सिंह, माननीय विद्युत,नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा, राज्‍य म्रंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) भारत सरकार द्वारा उर्जा संरक्षण दिवस अर्थात 14 दिसम्‍बर, 2017 को इंजी.बलबीर सिंह सिंहमार, निदेशक, एच.आर.डी. बीबीएमबी को प्रदान किया गया ।
  • इंडेपैन्‍डेंट पावर प्रोडयूसरज़ एसोशिएशन ऑफ इण्डिया द्वारा 28.10.2017 को आयोजित 18वें रेगुलेटर्स एण्‍ड पॉलिसी मेकर्स रीट्रीट-2017 के दौरान बीबीएमबी ने “सर्वोत्‍तम उत्‍पादक” की श्रेणी में रनर-अप पुरस्‍कार प्राप्‍त किया ।
  • भाखड़ा बांध प्रशासन को राजभाषा विभाग, भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा “ख” क्षेत्र में अधिकतम कार्यालीन कार्य हिन्‍दी में करने के लिए प्रथम पुरस्‍कार प्रदान किया गया । यह पुरस्‍कार श्री संजीव सूरी, मुख्‍य अभियंता, भाखड़ा बांध, नंगल ने श्री राम नायक, माननीय राज्‍यपाल, उत्‍तर प्रदेश सरकार से प्राप्‍त किया ।

खेल-कूद:

बीबीएमबी का खेल-कूद के क्षेत्र में भी बराबर का विशेष योगदान रहा है और 6 राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धाओं अर्थात टेबल टैनिस, क्रिकेट, कब्‍बडी, वॉलीबाल, एथलैटिक्‍स, शतरंज में विजेता रह कर कीर्तिमान बनाया है और किसी पी एस यू ने यह कीर्तिमान पहले नहीं बनाया है ।

यह राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धाएं पावर स्‍पोर्टस कंट्रोल बोर्ड टूर्नामैंट के तत्‍वधान में वर्ष 2017-18 में आयोजित की गई थी । पावर स्‍पोर्टस कंट्रोल बोर्ड, नई दिल्‍ली ने बीबीएमबी को एथलैटिक्‍स मीट आयोजित करवाने के लिए सर्वश्रेष्‍ठ आयोजक का पुरस्‍कार प्रदान किया ।

वृक्षारोपण:

बीबीएमबी ने पर्यावरण सुधार और अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपनी वचनबद्धता के अंतर्गत नंगल में 27 एकड़ एरिया में “हर्बल गार्डन” स्‍थापित किया ।

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