भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड
सर्च

बीबीएमबी की उपलब्धियां

बीबीएमबी की उपलब्‍ध‍ियां

  • केन्‍द्रीय विद्युत प्राध‍िकरण द्वारा सी.ई.ए द्वारा तय किए गए उर्जा उत्‍पादन के लक्ष्‍यों को वर्ष दर वर्ष पार कर लिया गया । वर्ष 2015-16 में 9076 एम.यू. तय किए गए लक्ष्‍य के विरूद्व 10853.11 एम.यू. उर्जा उत्‍पाद‍ित की गई जो लक्ष्‍य से 30% अध‍िक है । वर्ष 2016-17 में 9536 एम.यू. तय किए गए लक्ष्‍य के विरूद्व 10634.41 एम.यू. उर्जा उत्‍पादित की गई, जो निर्धारित लक्ष्‍य से 11.52% अध‍िक है ।
  • वर्ष 2015-16 में समस्‍त प्‍लांट उपलब्‍धता 97.22% रही जबकि वर्ष 2016-17 समाप्‍त प्‍लांट उपलब्‍धता 98.67% रही ।

मशीन की रिकार्ड उपलब्‍धता :

  • क्षेत्र में वृहत जल विद्युत कॉम्‍प्‍लैक्‍स होने के कारण बीबीएमबी उत्‍तरी ग्रिड के दिन प्रतिदिन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • बीबीएमबी बिजली घर ग्रिड को आवश्‍यकता अनुसार शीर्ष बिजली प्रदान करते है जिसमें थमर्ल स्‍टेशन बेस लोड पर कार्य करने में सक्षम बनते है।
  • विद्युत गृह ग्रीष्‍मकाल में, 1900 मेगावाट तथा 2800 मेगावाट और शीतकाल में 500 मेगावाट तथा 1900 मेगावाट के बीच फलैक्सिंग उत्‍पादन द्वारा ग्रिड की फ्रीक्‍वैंसी नियमन में मदद करते है।
  • बीबीएमबी बिजली घरों की औसत वार्षिक संयन्‍त्र उपलब्‍धता लगभग 88 प्रतिशत है। पारेषण लाईनों की उपलब्‍धता लगभग 99 प्रतिशत।

जल की आपूर्ति :

  • भाखडा नंगल तथा ब्‍यास परियोजनाएं पंजाब, हरियाणा एवं राजस्‍थान राज्‍यों में हरित क्रान्ति एवं श्‍वेत क्रन्ति की अग्रदूत है।
  • पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान तथा दिल्‍ली राज्‍यों को प्रतिवर्ष लगभग 34537.49 एमसीएम (28 एमएएफ ) की औसत से जल की आपूर्ति की जा रही है।

प्रणाली सुधार :

  • भाखडा दांया किनारा विद्युत ग्रहों की सभी 5 यूनिटों, प्रत्‍येक का 120 मेगावाट से 157 तक नवीनीकरण, आधुनिकरण और उन्‍नयन किया गया है जिसके परिणामस्‍वरूप 185 मेगावाट की अतिरिक्‍त अधिष्‍ठापित क्षमता तथा 310 मि.यू. का अतिरिक्‍त वार्षिक उत्‍पादन हुआ है।
  • गंगूवाल और कोटला बिजली घरों, प्रत्‍येक की दो यूनिटों का नवीनकरण, आधुनिकीकरण और उन्‍नयन किया गया है जिसके परिणामस्‍वरूप 12.85 मेगावाट की अतिरिक्‍त अधिष्‍ठापित क्षमता हुई है और इससे 112 मिलियन यूनिट का अतिरिक्‍त वार्षिक उत्‍पादन होगा।
  • पौंग विद्युत गृह संयन्‍त्र की 6 यूनिटों प्रत्‍येक का पहले ही 60 मेगावाट से 66 मेगावाट तक उन्‍नयन किया गया है। बीबीएमबी की अतिरिक्‍त प्रतिघाती विद्युत के अलावा 173 एव बी के अतिरिक्‍त उर्ता उत्‍पादन और 36 मेगावाट की अतिरिक्‍त क्षमता में यह निष्‍कर्ष निकाला गया।
Back to Top