भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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बीबीएमबी की उपलब्धियां

भारत के विभाजन के समय पंजाब का लगभग 80% सिंचाई क्षेत्र पश्चिमी पाकिस्‍तान में चला गया, साथ ही भारत के पास बहुत कम सिंचाई के संसाधन रह गए । विशाल भाखड़ा-नंगल और ब्‍यास परियोजना ने परिस्थिति को बदला और उत्‍तरी भारत को राष्‍ट्र के अन्‍न भंडार में परिवर्तित कर दिया । बीबीएमबी के बांध साल दर साल डाऊनस्‍ट्रीम के क्षेत्रों को बाढ़ से बचा रहे हैं । यहां तक कि भाखड़ा बांध ने वर्ष 2005 में चीन में पार्चू झील में विस्‍फोट को भी अपने में समाहित कर लिया साथ ही इसका दुष्‍टप्रभाव डाऊनस्‍ट्रीम क्षेत्रों पर भी नहीं पड़ा ।

विद्युत उत्‍पादन

सीर्इए द्वारा तय किए गए विद्युत उत्‍पादन के लक्ष्‍यों को बीबीएमबी द्वारा प्रत्‍येक वर्ष पीछे छोड़ दिया जाता है । वर्ष 2016-17 के दौरान 10634.41 मिलियन यूनिटस का विद्युत उत्‍पादन किया गया जोकि निर्धारित लक्ष्‍य 9536 मिलियन यूनिटस से 11.52% अधिक था । वर्ष 2017-18 के दौरान 10880.691 मिलियन यूनिटस का उत्‍पादन किया गया जोकि निर्धारित लक्ष्‍य 9360 मिलियन यूनिटस से 16.25% अधिक है । वर्ष 2018-19 के दौरान 9425.00 मिलियन यूनिटस के लक्षय की तुलना मे 10190.264 मिलियन यूनिटस का उत्‍पादन किया गया, जोकि लक्षय से 8.12% अधिक है ।

मशीनों की कीर्तिमान उपलब्‍धता

क्षेत्र में विशालतम हाइड्रो इलैक्ट्रिकल कॉंम्‍पलेक्‍स होने के नाते बीबीएमबी प्रतिदिन उत्‍तरी ग्रिड के परिचालन में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीबीएमबी के विद्युत गृह, ग्रिड को व्‍यस्‍ततम समय में अतिआवश्‍यक विद्युत उपलब्‍ध करवाते हैं, जिससे कि थर्मल स्‍टेशन बेस लोड पर काम करने में सक्षम होते है। विद्युत गृह में ग्रीष्‍म ऋतु में 1900 एम.डब्‍लयू और 2800 एम.डब्‍लयू के बीच तथा शीत ऋतु में 500 एम.डब्‍लयू तथा 1900 एम.डब्‍लयू के बीच लचीले उत्‍पादन द्वारा ग्रिड के फ्रीक्‍यून्‍सी रेगुलेशन में सहायता प्रदान करते हैं । पिछले पांच वर्षों 2013-14 से 2017-18 की बीबीएमबी विद्युत गृहों की औसतन वार्षिक संयंत्र उपलब्‍धता लगभग 97.51% है । वर्ष 2018-19 के दौरान बीबीएमबी की उत्पादन इकाइयों के संचयी मशीनों की उपलब्धता 97.95% रही। भाखड़ा दायां किनारा विद्युत गृह की मशीन उपलब्धता अधिकतम 99.98% रही। पारेषण लाइन उपलब्‍धता लगभग 99% है ।

लगभग प्रत्‍येक वर्ष उत्‍तरी ग्रिड के विशाल हाइड्रो विदयुत केन्‍द्रों का अत्‍याधिक गाद (सिल्‍ट) की परिस्थिति में जबरन बंद करना पड़ता है जिससे ग्रिड संकट में पड़ जाती है और बीबीएमबी इस संकट की स्थिति में ग्रिड को अधिकतम विद्युत आपूर्ति करके उभारता है ।

वर्ष 2017-18 के दौरान ग्रिड के फ्रीक्‍वेंसी रेगुलेशन में सहायता करते हुए कम से कम 400 मेगावाट और अधिक से अधिक 2500 मेगावाट के मध्‍य लचीला उत्‍पादन करती है । भाखड़ा द्वारा ग्रिड में ब्‍लैक स्‍टार्ट ऑपरेशन में सहायता प्रदान की जाती है ।

देहर विद्युत गृह की सभी छ: उत्पादन इकाइयां एक दशक से अधिक समय के बाद, माह अगस्‍त 2018 में व्‍यस्‍ततम समय (पीक आवर) में लगातार एक साथ चलाई गई ।

बीबीएमबी पहली बार देहर विद्युत गृह की सभी छ: उत्पादन इकाइयों को एक साथ, व्‍यस्‍ततम समय (पीक आवर) में प्रतिदिन डेढ़ घंटा चलाने में कामयाब रहा ।

एकीकृत प्रबंधन प्रणाली (आई.एम.एस) का क्रियान्‍वयन

सम्‍पूर्ण बीबीएमबी क्‍यूएमएस(आईएसओ 9001) व ईएसएस(आईएसओ 14001) के अंतर्गत आता है ।लगातार सुधार के लिए प्रयास करते हुए बीबीएमबी नई स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन अपनाने जा रहा हैं इसके साथ-साथ आईएमएस सहित, ईएमएस, क्‍यएमएस व ओएचएसएमएस का भी क्रियान्‍वयन किया है । मुख्‍य अभियंता/प्रणाली परिचालन और बोर्ड सचिवालय को बीआईएस द्वारा आईएमएस क्रियान्‍वयन कार्यक्रम के अंतर्गत नये ओएचएसएमएस प्रमाणन की सिफारिश पहले ही की जा चुकी है ।

इलैक्‍ट्रोनिक (इ) प्रिक्‍योरमैंट

10 लाख रूपये से ऊपर की थ्रेशोल्‍ड वेल्‍यू की खरीद के लिए ई-प्रिक्‍योरमैंट का कार्यान्‍वयन किया गया ।

इंटीग्रिटी पैक्‍ट

इंटीग्रिटी पैक्‍ट का कार्यान्‍वयन किया गया और दो स्‍वतंत्र बाहय मॉनीटरों की नियुक्ति की गई जिनके साथ नियमित बैठकें भी की जा रही हैं ।

राष्‍ट्रीय हाईड्रोलोजी परियोजना

जलाशयों के इष्‍टतम परिचालन के लिए विश्‍व बैंक से सहायता प्राप्‍त राष्‍ट्रीय हाईड्रोलोजी परियोजना के अंतर्गत रीयल टाइम डिसीज़न स्‍पोर्ट सिस्‍टम का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया । यह देश में अपनी तरह की एक पहली परियोजना है जो जल संसाधन निगरानी प्रणाली में आगामी सुधार तथा विस्‍तार, जल संसाधन परिचालन तथा योजना को मजबूती प्रदान करेगा तथा जल संसाधन प्रबंधन के लिए संस्‍थागत क्षमता को बढ़ाएगा ।

जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास और गंगा संरक्षण, भारत सरकार के तत्‍वावधान के अंतर्गत दिनांक 10 व 11 दिसम्‍बर, 2018 को सतत जल प्रबंधन पर प्रथम अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का आयोजन बीबीएमबी द्वारा केन्‍द्रीय बोर्ड सिंचाई एवं विद्युत, केन्‍द्रीय जल आयोग के तकनीकी सहयोग व विशव बैंक की सहायता से किया गया । सम्‍मेलन में भारत व विश्‍वभर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । इस सम्‍मेलन ने उदारवादी विचार- मथन के लिये परस्‍पर मंच उपलब्‍ध कराया और बाढ़ व सूखा प्रबंधन,जल विज्ञान, ई-फ्जोज़, अंतर घाटी जल स्‍थानांतरण, जलवायु परिवर्तन, इंटेलीजैंट स्‍पोर्ट सिस्‍टम, भण्‍डारण परियोजनाऍं इत्‍यादि, जल संसाधन के सत्‍त प्रबंधन से संबंधित मुद्दों के बारे में विचारों एवं मसलों के अध्‍ययन को सांझा किया ।

जल की आपूर्ति

भाखड़ा नंगल और ब्‍यास परियोजना, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्‍थान राज्‍यों में हरित क्रान्ति एवं श्‍वेत क्रान्ति की अग्रदूत है। पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान और दिल्‍ली राज्‍यों के लिए प्रत्‍येक वर्ष लगभग 34537.44 एससीएम (28 एमएएफ) जल की आपूर्ति की जा रही है, जो 135 लाख एकड़ जमीन को सिंचित करता है ।

विवेकपूर्ण जलाशय प्रबंधन, नज़दीकी निगरानी और मानसून के दौरान सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए बाधों के डाऊनस्‍ट्रीम नालों से अंर्तवा‍ह का उपयोग करके, बीबीएमबी ने सतलुज और ब्‍यास नदियों का 0.674 मिलियन एकड़ फीट जल बचाया जो अन्‍यथा अन्‍तराष्‍ट्रीय सीमा के डाऊनस्‍ट्रीम में चला गया होता ।

तकनीकी मापदंडों पर आधारित, बाधों के डाऊनस्‍ट्रीम नालों में बाढ़ के साथ किसी भी रिलीज़़ के समकालन (सिंक्रोनाइजेशन) से बचने के लिए पौंग जलाशय में बीबीएमबी ने 1393.30 फीट तक पानी का भन्‍डारण किया जिससे अंतत: पंजाब के निचले क्षेत्रों को बाढ़ की स्थिति से बचाया गया ।

नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और उन्‍नयन (आर.एम.यू)

भाखड़ा बांध विद्युत गृह (दायां किनारा) की सभी पांचों यूनिटों का नवीनीकरण, आधुनिकीकरण व उन्‍नयन 120 मैगावाट से 157 मैगावाट किया गया है, जिसके परिणामस्‍वरूप 185 मैगावाट की अतिरिक्‍त अधिष्‍ठापित क्षमता तथा 310 एम.यू. का अतिरिक्‍त वार्षिक उत्‍पादन हो रहा है ।

850KWP, 300KWP,175 KWP,100KWP, 60KWP, 20KWP और 80KWP सौर विद्युत संयंत्रों को चालू करना

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 175 KWP सौर संयंत्र को चालू करने का लक्ष्‍य दिनांक 13 अक्‍तूबर, 2017 रखा था । इस सौर विद्युत संयंत्र को निर्धारित तिथि से बहुत पहले 18 जुलाई, 2017 को चालू कर दिया गया । बीबीएमबी सचिवालय, सैक्‍टर-19 तथा एस एल डी सी बिल्‍डिंग, इंडस्‍ट्रीयल एरिया, चण्‍डीगढ़ की छतों पर अधिष्‍ठापित किए गए 175 KWP सौर विद्युत संयंत्र का उदघाटन श्री वी.पी.सिंह बदनौर, माननीय राज्‍यपाल पंजाब तथा प्रशासक, यूटी, चण्‍डीगढ़ द्वारा किया गया और इसे राष्‍ट्र को समर्पित किया ।

हाइर्डो विद्युत उत्‍पादन के क्षेत्र में अग्रणी बीबीएमबी ने दिनांक 18.12.2018 को 220 केवी उपकेन्‍द्र जालंधर में, 100KWP और 220 केवी उपकेन्‍द्र, बीबीएमबी जमालपुर में, 60KWP की कुल क्षमता के ग्रिड कनैक्‍टड रूफ टाप सोलर ऊर्जा संयंत्रों को स्‍थापित करके नई उपलब्धि हासिल की है ।

दिनांक 29.01.2019 को नरेला में 220 केवी उप-केन्‍द्र की कंट्रोल रूम की बिल्‍डिंग पर 20KWP सोलर रूफ टॉप पी वी संयंत्र और 220 केवी उप-केन्‍द्र दिल्‍ली कंट्रोल रूम की बिल्‍डिंग पर 80KWP के अधिष्‍ठापन का कार्य भी हो गया है ।

दिनांक 16.05.2019 को तलवाड़ा में 300KWP और  दिनांक 01.062019 से 24.06.2019 के दौरान नंगल में 850KWP  की कुल क्षमता के  सोलर रूफ टॉप पी वी संयंत्रों  के अधिष्‍ठापन का कार्य भी हो गया है ।

पुराने ट्रांसफार्मरों को नये उच्‍च क्षमता के ट्रांसफार्मरों से बदलना

बीबीएमबी ने 220 केवी उप-केन्‍द्र, धूलकोट, जगाधरी तथा जांलधर में पुराने ट्रांसफार्मरों को नये 100 एमवीए रेटिंग के उच्‍च क्षमता के पावर ट्रांसफार्मरों के साथ बदलकर चालू किया ।

इन तीन पावर ट्रांसफार्मरों के चालू होने से विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की 24x7 विद्युत आपूर्ति की पहल के लक्ष्‍य में सहायता हुई है और इन क्षेत्रों के लोग अबाधित विद्युत आपूर्ति प्राप्‍त कर रहे हैं ।

निम्‍न स्‍तर निरीक्षण

पौंग बांध में दो सिंचाई सुरंगों (टी-1 व टी-2) हैं । पिछली बार निम्‍न स्‍तर निरीक्षण वर्ष 2010 में किया गया था ।

वर्ष 2017-18 के दौरान पौंग बांध की टी-2 सिंचाई सुरंग का निम्‍न स्‍तर निरीक्षण और मुरम्‍मत रिकार्ड 20 दिन के अंदर की गई जिसके लिए सामान्‍यत: 30 दिन निर्धारित हैं । सिंचाई सुरंग टी-1 के अनुरक्षण की योजना बनाई गई और अप्रैल, 2018 के दौरान की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम

वर्ष 2017-18 के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीबीएमबी स्‍टाफ को 16000 मानव दिवसों के लक्ष्‍य की तुलना में 18580 मानव दिवसों का लाभ मिला है।

सूचना प्रौद्योगिकी (आई.टी.) में पहल

पिछले समय से संगठन को और अधिक कुशल बनाने के लिए कई सूचना प्रौद्योगिकी पहल जैसे पैंशन, सामान्‍य भविष्‍य निधि अतिम, आगंतुक पास प्रबंधन प्रणाली के लिए निगरानी प्रणाली और विधि मसलों के लिए आई एम एस की शुरूआत की गई है ।

बीबीएमबी ने भारत सरकार की राष्‍ट्रीय ई- गवर्नेस योजना के अंतर्गत मिशन मोड परियोजना के तहत उत्‍पादकता को बढ़ाने, सेवा की गुणवत्‍ता में पारदर्शिता तथा पेपर लैस डिजीटल सिस्‍टम को बढ़ावा देने हेतु ई-आफिस का कार्यान्‍वयन किया है । इससे सभी कागज़ आधारित फाइलिंग तथा अनुमोदन प्रणाली को निपटाने में सहायता मिलेगी । ई-आफिस प्रणाली कार्य की क्षमता को बढ़ाएगी, इसके बड़े पर्यावरणीय लाभ है जैसा कि यह प्रणाली कार्यालयाधीन प्रयोग में प्रत्‍यक्ष फाइलों तथा कागजों के प्रयोग को समाप्‍त कर देगी ।

बीबीएमबी जन शक्ति मोबाइल एपलीकेशन

कर्मचारियों और जनता को सशक्‍त करने के लिए 2 अप्रैल, 2018 को श्री अजय कुमार भल्‍ला, सचिव (विद्युत) भारत सरकार द्वारा बीबीएमबी की मोबाइल एप्‍लीकेशन ’जन शक्ति’ का शुभारंम्‍भ किया गया । मोबाइल एप्‍लीकेशन बीबीएमबी कर्मचारियों को उनके वेतन, जीपीएफ, निजी एवं कार्यालीन ब्‍यौरे उपलब्‍ध करा कर सशक्‍त करेगा और पब्लिक भी इस मोबाइल ऐप का प्रयोग कर बीबीएमबी की विद्युत और सिंचाई प्रणाली संबंधी तकनीकी सूचना/डाटा जैसे कि परियोजना अनुसार उत्‍पादन ब्‍यौरा, जलाशय स्‍तर, छोड़ा गया पानी, पिछले कई वर्षों की कैचमैंट क्षेत्रों में हुई वर्षा संबंधी जानकारी प्राप्‍त कर सकती है।

रेडियो अभियान

आम जनता को भाखड़ा बॉंध तथा बहुउदेशीय नदी घाटी परियोजानाओं के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए सचिव (विद्युत) भारत सरकार द्वारा भाखड़ा बांध पर शिक्षाप्रद रेडियो अभियान जारी किया गया ।

भाखड़ा ब्‍यास प्रबंध बोर्ड का शिकायत निवारण तंत्र

बीबीएमबी में एक सुपरिभाषित शिकायत निवारण तंत्र स्‍थापित है । विशेष सचिव, बीबीएमबी को सम्‍पूर्ण भाखड़ा ब्‍यास प्रबंध बोर्ड के निदेशक/ शिकायत निवारण के रूप में पदनामित किया गया है । इसके अलावा प्रत्‍येक परियोजना स्‍टेशनों पर अधीक्षण अभियंता के रैंक के अधिकारी शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्‍त हैं ।

बीबीएमबी द्वारा वर्ष 2017-2018 तथा 2019 में जीते गए पुरस्‍कार

  • बीबीएमबी को राजभाषा के सर्वोच्‍च सम्‍मान “कीर्ति पुरस्कार” से  दिनांक 14.09.2019 को सम्‍मानित किया गया ।
  • दिनांक 04.01.2019 को हाइड्रो विद्युत क्षेत्र में “सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने वाली यूटीलिटी” तथा जल संसाधन के क्षेत्र में “सर्वोतम अनुरक्षित परियोजना” के लिए दो पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया गया ।
  • दिनांक 14.12.2018 को राष्‍ट्रीय स्‍तर की चित्रकला प्रतियोगिता में “सर्वोत्‍तम राज्‍य नोडल अधिकारी श्रेणी” तथा “सर्वोत्‍तम यू.टी. स्‍तर नोडल अधिकारी श्रेणी” के लिए दो राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किए गए ।
  • दिनांक 24.11.2018 को सर्वोत्‍तम हाइड्रो विद्युत उत्‍पादक पुरस्‍कार प्राप्‍त किया ।
  • दिनांक 19.11.2018 को राजभाषा के कार्यान्‍वयन में तीन पुरस्‍कार जीते ।
  • दिनांक 14.09.2018 को “राजभाषा कीर्ति” पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया ।
  • गृह पत्रिका “बीबीएमबी समाचार” के लिए प्रथम पुरस्‍कार प्राप्‍त किया ।
  • श्री वी.के.कालरा सदस्‍य (विद्युत) बीबीएमबी ने दिनांक 26.03.2018 को सराहनीय सेवाओं, उत्‍कृष्‍ठ प्रदर्शन तथा उल्‍लेखनीय भूमिका हेतु भारतीय अंतराष्‍ट्रीय फ्रैंडशिप सोसायटी से “भारतीय ज्‍योति पुरस्‍कार ” प्राप्‍त किया ।
  • दिनांक 09.02.2018 को सरकारी कामकाज में हिन्‍दी भाषा के अधिकतम प्रयोग के लिए प्रथम पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया ।
  • श्री डी.के.शर्मा, अध्‍यक्ष बीबीएमबी को दिनांक 03.01.2018 को भारतीय जल एवं विद्युत क्षेत्रों में विशेष मान्‍यता तथा योगदान के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया ।
  • दिनांक 16.12.2018 को ऊर्जा उत्‍पादक की श्रेणी में “राष्‍ट्रीय गौरव पुरस्‍कार” से सम्‍मानित किया गया ।
  • आधुनिक भारत के मंदिर “भाखड़ा बांध” को सर्वोत्‍तम अनुरक्षित परियोजना के रूप में राष्‍ट्र का अत्‍यन्‍त प्रतिष्ठित पुरस्‍कार प्रदान किया गया । (50 से अधिक वर्षों से क्रियाशील)।
  • अध्‍यक्ष बीबीएमबी को ‘उत्‍कृष्‍ठ नेतृत्‍व तथा भारतीय जल एवं विद्युत क्षेत्रों में असाधारण नेतृत्‍व एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर के योगदान हेतु सीबीआईपी ‘विशेष मान्‍यता पुरस्‍कार’ प्रदान किया गया ।
  • ऊर्जा उत्‍पादक की श्रेणी में अपनी उपलब्धियों के लिए इडियन ब्रेव हार्टस जोकि एक ISO 9001:2018 प्रमाणितकृत एन.जी.ओ है के द्धारा ‘’राष्‍ट्र गौरव पुरस्‍कार’’ से सम्‍मानित किया गया ।
  • इंजी.बी.एस.सिंहमार, निदेशक/एचआरडी को ‘’ सर्वोत्‍तम राज्‍य नोडल अधिकारी श्रेणी’’ के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रथम पुरस्‍कार प्रदान किया गया ।
  • भारत सरकार गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्धारा ‘ख’ क्षेत्र में अधिकतम सरकारी काममाज हिन्‍दी में करने के लिए भाखड़ा बांध प्रशासन को प्रथम पुरस्‍कार प्रदान किया गया ।

खेल-कूद

बीबीएमबी का खेल-कूद के क्षेत्र में भी बराबर का विशेष योगदान रहा है और 7 राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धाओं अर्थात टेबल टैनिस, क्रिकेट, कब्‍बडी, वॉलीबाल, एथलैटिक्‍स, बैडमिन्‍टन और शतरंज में विजेता रह कर कीर्तिमान बनाया है । यह कीर्तिमान पहले किसी पी एस यू ने नहीं बनाया है । यह राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धाएं पावर स्‍पोर्टस कंट्रोल बोर्ड टूर्नामैंट के तत्‍वधान में वर्ष 2017-18 में आयोजित की गई थी ।

पावर स्‍पोर्टस कंट्रोल बोर्ड, नई दिल्‍ली ने बीबीएमबी को एथलैटिक्‍स मीट आयोजित करवाने के लिए सर्वश्रेष्‍ठ आयोजक का पुरस्‍कार प्रदान किया ।

बीबीएमबी ने 30.01.2019 से 31.01.2019 तक नंगल टाऊनशिप में अंतर सीपीएसयू पुरूष व महिला एथलेटिक्‍स प्रतियोगता का आयोजन किया । बीबीएमबी ने दोनों पुरूष व महिला वर्ग में व्‍यक्तिगत टीम श्रेणियों में प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किए ।

बीबीएमबी ने 19.09.2018 से 21.09.2018 तक ऋषिकेश में टीएचडीसी इंडिया द्वारा आयोजित अंतर सीपीएसयू वॉलीबाल प्रतियोगता में प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया । बीबीएमबी पिछले 22 वर्षों से लगातार यह प्रतियोगता जीत रहा है ।

बीबीएमबी ने 26.02.2019 से 28.02.2019 तक गोहाटी, असम में एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा आयोजित अंतर सीपीएसयू कब्‍बडी प्रतियोगता में प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया । बीबीएमबी पिछले 21 वर्षों से लगातार यह प्रतियोगता जीत रहा है ।

बीबीएमबी ने दिनांक 22.11.2018 से 25.11.2018 और 04.02.2019 से 09.02.2019 तक अंतर सीपीएसयू क्रमश: टेबल टेनिस व क्रिकेट प्रतियोगता में द्धितिय स्‍थान प्राप्‍त किया ।

वृक्षारोपण

बीबीएमबी ने पर्यावरण सुधार और अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपनी वचनबद्धता के अंतर्गत नंगल में 27 एकड़ एरिया में “हर्बल गार्डन” स्‍थापित किया ।

बीबीएमबी ने विशेष पौधारोपण अभियान के अंतर्गत 3 घंटों के अंदर 11,000 पौधे लगाए, जिसका शुभारंभ सचिव ( विद्युत) विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने किया ।

बीबीएमबी ने कैलेन्‍डर वर्ष 2018-19 में 37400 पौधे रोपित किए, जिसमें 11,000 पौधे जो विशेष अभियान के अंतर्गत लगाए गए, भी शामिल हैं ।

पारेषण प्रणाली के क्षेत्र में आधुनिक चलन

बीबीएमबी 220 केवी बरनाला उप-केन्‍द्र का स्‍टेट ऑफ आर्ट दवारा स्‍वचालन करने के बाद भारत की विद्युत यूटीलिटीज़ के एलीट कल्‍ब में शामिल हो गया है । जिन्‍होनें पारम्‍परिक उप-केन्‍द्रों को दूरस्‍थ परिचालित उप-केन्‍द्रों में बदल दिया है, इस बरनाला स्‍वचालित उप-केन्‍द्र का 220 केवी उप-केन्‍द्र संगरूर की परिसर से दूरस्‍थ परिचालन किया जा रहा है । बरनाला उप-केन्‍द्र का स्‍वचालन स्‍मार्ट उप-केन्‍द्र स्‍वचालन समाधानों के बारे में पहला कदम है ।

इस परियोजना के कई लाभ हैं जैसे कि द्रुत दोष विश्‍लेषण के कारण प्रणाली की विश्‍वसनीयता में वृद्धि, परिचालन और अनुरक्षण स्‍टाफ की सुरक्षा, डाउन टाइम में कमी,उच्‍च तकनीक वाले उपकरणों की सहायता से सुदूर रहते हुए उप-केन्‍द्र के स्‍वचालन की निगरानी इत्‍यादि ।

ऊर्जा संरक्षण का महत्व

भारत सरकार ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 लागू किया है, जिसका उद्देश्‍य देश में ऊर्जा संरक्षण उपायों को बढ़ावा देने हेतु आवश्‍यक विधिक प्रणाली उपलब्‍ध कराने और अपने दुर्लभ ऊर्जा संसाधनों के अधिक कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देना है ।

ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 को मध्‍य नज़र रखते हुए बीबीएमबी ने विद्युत मंत्रालय के तत्‍तवावधान में वर्ष 2005 में शुरू हुई चित्रकला प्रतियोगिता को पंजाब एवं हरियाणा राज्‍यों तथा एक संघीय क्षेत्र चण्‍डीगढ़ हेतु चित्रकला प्रतियोगिता का विशिष्‍टता से आयोजन कर रहा है । इस चित्रकला प्रतियोगिता का उद्देशय स्‍कूली बच्‍चों, उनके अभिभावकों के साथ-साथ अध्‍यापकों को उर्जा संरक्षण के बारे में जागृत करना है ।

भारत के वीर

बीबीएमबी ने पुलवामा हमले के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारजनों के सहायतार्थ रूपये 1,28,50,000/- का ‘’ भारत के वीर’’ के पक्ष में योगदान दिया ।

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