भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

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विद्युत खंड

विद्युत खण्‍ड

सदस्‍य (विद्युत) के पश्‍चात संगठनात्‍मक अनुक्रम में आगे मुख्‍य अभियन्‍ता आते हैं, जो अधीक्षण अभियन्‍ताओं / निदेशकों / वरिष्‍ठ कार्यकारी अभियन्‍ताओं / उप-निदेशकों तथा सहायक अभियन्‍ताओं के सहयोग से सम्‍बन्धित कार्यालय के मुखिया हैं । विद्युत खण्‍ड में निम्‍नलिखित मुख्‍य अभियन्‍ता हैं, उनका मुख्‍य अधिकार क्षेत्र / उत्‍तरदायित्‍व नीचे दी गई सूची अनुसार वर्णित है :

  • इंजी.हरमिंदर सिंह

    इंजी.हरमिंदर सिंह मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

    इंजी.हरमिंदर सिंह

    इंजी.हरमिंदर सिंह

    मुख्‍य अभियन्‍ता (प्रणाली परिचालन)

  • इंजी. राजेश गुप्‍ता

    इंजी. राजेश गुप्‍ता मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. राजेश गुप्‍ता

    इंजी. राजेश गुप्‍ता

    मुख्‍य अभियन्‍ता (पारेषण प्रणाली)

    इंजी. राजेश गुप्ता ने एचवीपीएनएल, पंचकुला से दिनांक 02.04.2018 को मुख्य अभियंता/ पारेषण प्रणाली, बीबीएमबी, चंडीगढ़ का पदभार ग्रहण किया । उनका जन्म 17.02.1963 को हुआ । उन्होने रुड़की विश्वविद्यालय, ऊ.प्र (अब आईआईटी रुड़की) से वर्ष 1985 में यांत्रिक इंजीनीयरिंग में बी.ई (आनर्स) की उपाधि प्राप्त की ।

         उन्होने पीईटीएस, नागपुर में 26 सप्ताह के प्रशिक्षण उपरांत पानीपत थर्मल पावर प्लांट में सहायक अभियंता के रूप में कार्य किया । हरियाणा की पारेषण उपयोगिता एचवीपीएनएलमें उन्होने अंबाला और भिवानी जिलों में विभिन्न उपकेन्द्रों पर उपकेंद्र अभियंता के रूप में काम किया ।

         उन्होने धूलकोट स्थित स्विच गियर तथा डिस्पोज़ल डिविजन में बतौर कार्यकारी अभियंता काम किया तथा स्विच गियर मुरम्मत कार्यशाला, धूलकोट में विभिन्न विद्युत उपकरणों के रख-रखाव तथा एचवीपीएनएल की अनुपयोगी सामग्री तथा कबाड़ी के निपटान का कार्य देखा । वे एचवीपीएनएल में अनुपयोगी सामग्री तथा कबाड़ी के निपटान हेतु ई-नीलामी आरंभ करने में सहायक हुए ।

         उन्होने गुड़गाँव, रिवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ जिलों से गठित पारेषण प्रणाली सर्कल, गुड़गाँव में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्य किया । अधीक्षण अभियंता/ पारेषण प्रणाली, गुड़गाँव के पद पर उन्होने लगभग 58 उपकेन्द्रों तथा 2000 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य देखा । इनमें 2 संख्या 400 केवी उपकेंद्र तथा उनकी सहायक पारेषण लाईनें सम्मिलित थीं। इस अवधि में उन्होने दौलताबाद (गुड़गाँव), धनोन्दा (महेंद्रगढ़) में 2 संख्या 400 केवी उपकेन्द्रों के अधोपांत (टर्नकी) निर्माण एवं चालू करने तथा 12 संख्या 66 केवी/ 132 केवी तथा 220 केवी उपकेंद्र तथा उनकी सहायक लाईनों के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण किया ।

         उन्होने 02.09.2015 को मुख्य अभियंता/ प्रणाली परिचालन, एचवीपीएनएल का पदभार संभाला तथा बतौर एसएलडीसी हरियाणा प्रभारी वार्षिक टैरिफ याचिका दायर करने सहित एचवीपीएनएल के सभी विनियामक मुद्दों तथा ग्रिड प्रबंधन तथा विभिन्न ओपन एक्सेस्स मुद्दों का कार्य देखा । उन्हें गैस इंसुलेटिड सब-स्टेशन (जीआईएस) के परिचालन एवं अनुरक्षण का अनुभव भी है तथा वर्ष 2013 के दौरान वे एआरईवीए (अब जीई) तथा एबीबी की निर्माण सुविधाओं पर फ्रांस और स्विट्ज़रलैंड गए। उन्हे जुलाई, 2016 में एनआरपीसी द्वारा स्पेन और जर्मन में आयोजित “कपैसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम ऑन इंटिग्रेशन ऑफ रिनयूवेबल्स इन दी ग्रिड” नामक कार्यक्रम में भी भाग लिया ।

    उपलब्धियां:

    1. 400 केवी पारेषण लाईनें जिसमें 400 केवी ट्विन-मूज तथा क्वाड-मूज लाईनें सम्मिलित थीं, के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण किया । गुड़गाँव शहर में मार्ग के अधिकार का गंभीर मुद्दा होने की वजह से 400 केवी उपकेंद्र दौलताबाद से 400 केवी उपकेंद्र सैक्टर 72, पीजीसीआईएल, गुड़गाँव तक क्वाड-मूज लाईन निर्माण कार्य एक चुनौती थी ।
    2. एनएच-8 को पार करने की चुनौती, 400 केवी बहुसर्किट टावर्स का प्रयोग करते हुए दिल्ली ट्रांसको लिमिटिड (डीटीएल) की मौजूदा 400 केवी क्वाड बर्सिमिस, बल्लबगढ़- बामनौली की लाईन के साथ रास्ते का अधिकार सांझा करते हुए हल की गई थी ।
  • इंजी. जीवन कुमार गुप्‍ता

    इंजी. जीवन कुमार गुप्‍ता मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)

    इंजी. जीवन कुमार गुप्‍ता

    इंजी. जीवन कुमार गुप्‍ता

    मुख्‍य अभियन्‍ता (उत्‍पादन)
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