भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड

भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड
सर्च

बोर्ड के सदस्‍य

  • श्री देवेंद्र कुमार शर्मा

    श्री देवेंद्र कुमार शर्माअध्‍यक्ष

    श्री देवेंद्र कुमार शर्मा

    श्री देवेंद्र कुमार शर्मा

    अध्‍यक्ष

    इंजी. देवेन्द्र कुमार शर्मा ने 21 अप्रैल, 2017 को भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इनका भारत और विदेश में ऊर्जा क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इन्होंने वर्ष 1981 में इंदौर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की। इन्होनें एशियन प्रौद्यिगिकी संस्थान बैंकाक, थाईलैंड से जल संसाधन इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग के अध्ययन के लिए नीदरलैंड सरकार की फैलोशिप प्राप्त की। इन्होंने कनाड़ा (1987), स्वीडन (1989), हंगरी (1991), जापान (1994) तथा नार्वे (1999 एवं 2003) से जल विद्युत योजना एवं अभिकल्प इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण कोर्स किए हैं। इन्होंने 1991 में अनुसंधान संस्थान  (VITUKI) बुडापेस्ट, हंगरी से हाइड्रोलॉजी में अन्तर्राष्ट्रीय स्नातकोत्तर कोर्स के लिए यूनेस्कों फैलोशिप प्राप्त की। इन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय सैंटर फार हाइड्रोपावर, TRONDHEIM, नार्वें में 1999 के दौरान "जल विद्युत तथा पर्यावरण" के नोराड स्कॉलर के रूप में तथा 2003 के दौरान "एकीकृत जल संसाधन प्रबन्धन के संदर्भ में जल विद्युत विकास" पाठ्यक्रमों में भाग लिया। इन्होंने ताला पन बिजली परियोजना प्राधिकरण में कार्यरत रहते हुए जल विद्युत क्षेत्र में कार्य निष्पादन, समर्पित सेवाएं तथा सराहनीय योगदान हेतु " मैन ऑफ द ईयर" 1999 का पुरस्कार प्राप्त किया। भारत और भूटान में सरकारी क्षेत्र के लिए कार्य करने के अलावा इनके कॉरपोरेट क्षेत्र अर्थात लारसन एण्ड टूब्रो लिमिटेड के साथ पन बिजली परियोजनाओं के निर्माण तथा कम्पनी को मालिकाना स्वामित्व वाली जल विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए भी लगभग 6 वर्षों तक उच्च पद पर कार्य करने का अनुभव है।

         इससे पहले ये 2012 से हिमाचल विद्युत निगम लिमिटेड (हिमाचल प्रदेश सरकार का उपक्रम) के प्रबन्ध निदेशक तथा बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्यरत थे। हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के प्रबन्ध निदेशक के रूप में इनके ऊपर 3x65 मेगावाट कसांग जल विद्युत परियोजना को चालू कराने की जिम्मेदारी रही है और इन्होंने 100एम सेंज परियोजना पूरी की है। इन्होंने प्रणाली को जवाबदेह ओर कुशल बनाया है और एक अत्यन्त नवोदित संगठन को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में कार्य कर रहे केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के समान तकनीकी एवं संगठनात्मक क्षमताओं के साथ एक तेजी से विकसित हो रही विद्युत उत्पादक यूटीलिटी में परिवर्तित कर दिया है।

         ये अन्तर्राष्ट्रीय जल विद्युत एसोसिएशन और जल विद्युत क्षेत्र में कार्यरत अनेक अन्य अन्तर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्यावसायिक निकायों के आजीवन सदस्य हैं। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पत्रों में इनके 27 तकनीकी पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।

  • श्री वी.के. कालरा

    श्री वी.के. कालरासदस्‍य (विद्युत)

    श्री वी.के. कालरा

    श्री वी.के. कालरा

    सदस्‍य (विद्युत)
  • श्री एस.के. शर्मा

    श्री एस.के. शर्मासदस्‍य (सिंचाई)

    श्री एस.के. शर्मा

    श्री एस.के. शर्मा

    सदस्‍य (सिंचाई)

    श्री एस.के. शर्मा ने दिनांक 27.07.2015 को बीबीएमबी में सदस्य, सिंचाई के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चण्डीगढ़ से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की और 1980 में हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में उप मण्डल अधिकारी के रूप में कार्य ग्रहण किया। हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहते हुए इन्होंने विभिन्न नहर नियमन से सम्बद्ध ओएण्डएम तथा नए हाइड्रॉलिक संरचनाओं, पम्प-घरों, कैनाल और ड्रेनेज नेटवर्क, नाबार्ड परियोजनाओं इत्यादि की निगरानी की। इन्होंने यमुना नदी पर नदी प्रशिक्षण कार्यों को भी उत्कृष्ट तरीके से सम्भाला है और उनके कार्यकाल में बाढ़ के दौरान कोई भी दुर्घटना घटित नहीं हुई। हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कार्यरत रहते हुए इन्होंने हमेशा कठिनतम एवं अन्य संवेदनशील मामलों को भी संभाला है।

         मुख्य अभियन्ता, बीएसएल परियोजना के रूप मं कार्य करते हुए ये बीएसएल जल संवाहक प्रणाली के संचालन एवं रख-रखाव के अतिरिक्त ड्रेजर एवं सहायक कार्यों के सफल संचालन में सहायक रहे हैं।

  • श्रीमति अर्चना अग्रवाल

    श्रीमति अर्चना अग्रवालसदस्‍य, भारत सरकार

    श्रीमति अर्चना अग्रवाल

    श्रीमति अर्चना अग्रवाल

    सदस्‍य, भारत सरकार

    संयुक्त सचिव /हाईड्रो, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार

  • श्री पी.के. सक्सेना

    श्री पी.के. सक्सेनासदस्‍य, भारत सरकार

    श्री पी.के. सक्सेना

    श्री पी.के. सक्सेना

    सदस्‍य, भारत सरकार

    आयुक्त (सिंधु), भारत सरकार जल संसाधन मंत्रालय, नई दिल्ली।

    श्री पी.के. सक्सेना, जबलपुर विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और केन्द्रीय जल अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारी हैं। इन्होंने वर्ष 1989 में केन्द्रीय जल आयोग में कार्य ग्रहण किया। इन्हें जल संसाधन परियोजनाओं की योजना एवं डिज़ाइन में 27 वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है जिनमें से ज्यादातर जल विद्युत क्षेत्र की परियोजनाएं हैं। ये भारत, नेपाल और अफगानिस्तान में अनेक प्रतिष्ठित जल विद्युत परियोजनाओं की डिज़ाइन से जुड़े रहे हैं। ये देश में स्नो हाइड्रोलोजी के क्षेत्र तथा जल संसाधन परियोजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन से भी संबद्ध रहे हैं।

    ये एक दशक से भी अधिक अवधि से सिंधु जल समझौता 1960 से संबंधित मामलों से भी जुड़े रहे हैं और इन्होंने स्थायी सिंधु आयोग की विभिन्न बैठकों और दौरों में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है।

    इन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मंचों पर लगभग 23 शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।

    इस समय ये आयुक्त (सिंधु), जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार के रूप में कार्यरत हैं और स्थायी सिंधु आयोग सहित भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता 1960 तथा पंजाब, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा राजस्थान के जल संसाधन विकास के अन्तर्राज्यीय पहलुओं से संबंधित कार्य देख रहे हैं।

  • श्री अरूणजीत सिंह मिगलानी

    श्री अरूणजीत सिंह मिगलानीसदस्‍य, पंजाब

    श्री अरूणजीत सिंह मिगलानी

    श्री अरूणजीत सिंह मिगलानी

    सदस्‍य, पंजाब

     सचिव, पंजाब सरकार
    सिंचाई विभाग, चण्डीगढ़।

  • श्री अनुराग रस्‍तोगी

    श्री अनुराग रस्‍तोगीसदस्य, हरियाणा

    श्री अनुराग रस्‍तोगी

    श्री अनुराग रस्‍तोगी

    सदस्य, हरियाणा
    मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार
    सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग,

    मुख्य सचिवालयचण्डीगढ़

  • श्री शिखर अग्रवाल

    श्री शिखर अग्रवालसदस्‍य, राजस्‍थान

    श्री शिखर अग्रवाल

    श्री शिखर अग्रवाल

    सदस्‍य, राजस्‍थान
    सचिव, राजस्थान सरकार, जल संसाधन विभाग,
     सरकारी सचिवालय, जयपुर।
  • श्री तरूण श्रीधर

    श्री तरूण श्रीधरसदस्य, हिमाचल

    श्री तरूण श्रीधर

    श्री तरूण श्रीधर

    सदस्य, हिमाचल
    अति. मुख्‍य सचिव(परसोनेल, एमपीपी एवं पावर, एन सी इ एस, होर्टीकल्चर ).
    शिमला, हिमाचल प्रदेश सरकार
Back to Top